बुर्के में लौटी नाबालिग दलित बीटिया, अल्तमश खान पर धर्मांतरण और बार-बार बलात्कार का आरोप

लव-जिहाद का भयावह मामला

बुर्के में लौटी नाबालिग दलित बीटिया, अल्तमश खान पर धर्मांतरण और बार-बार बलात्कार का आरोप

Dalit minor returns wearing burqa, accuses Altamash Khan of conversion and repeated rape

मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के पिपरई थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक लापता हिंदू नाबालिग लड़की बुर्के में अपने घर वापस लौटी। पीड़िता दलित समुदाय से बताई जा रही है। लड़की की वापसी के बाद उसके परिवार ने पुलिस में धर्मांतरण और सामूहिक अपराध की गंभीर शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में मुख्य आरोपी अल्तमश खान सहित तीन लोगों के खिलाफ अपहरण, बलात्कार और जबरन धर्म परिवर्तन के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी अल्तमश खान पिछले कुछ समय से हिंदू नाबालिग लड़की के संपर्क में था। पीड़िता ने अपनी मां को बताया कि अल्तमश ने उसे भोपाल घुमाने के बहाने बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। वह ट्रेन के माध्यम से उसके साथ भोपाल पहुंची, जहां आरोपी ने कथित तौर पर उसका धर्म परिवर्तन कराकर उसे इस्लाम कबूल करवाया और फिर उससे निकाह कर लिया।

पीड़िता का आरोप है कि उसे भोपाल के एक जर्जर मकान में बंधक बनाकर रखा गया था। पिछले कुछ महीनों के दौरान आरोपी ने उसके साथ कई बार बलात्कार किया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसे करीब 10 से 15 बार अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया और जान से मारने की धमकी देकर शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया।

घटना का खुलासा तब हुआ जब 14 अप्रैल को नाबालिग लड़की अपनी दो अन्य सहेलियों के साथ काले रंग का बुर्का पहनकर पिपरई वापस लौटी। अपनी बेटी को इस हालत में देख मां ने पूछताछ की, तब लड़की ने आपबीती सुनाई। शिकायत के अनुसार, लड़की भोपाल के पास रायसेन जिले के मंडीदीप में अपने मामा के घर रह रही थी और अक्सर अपने घर आती-जाती रहती थी।

जांच में यह भी सामने आया है कि यह केवल एक लड़की तक सीमित मामला नहीं है। शिकायत के अनुसार, पीड़िता की दो अन्य हिंदू सहेलियां भी इसी तरह के जाल में फंसी थीं। मुख्य आरोपी अल्तमश के दो दोस्त, आहान खान और आहट शेख, इन अन्य नाबालिग लड़कियों के साथ इसी तरह की वारदातों में शामिल थे। ये तीनों आरोपी भोपाल के निवासी हैं और एक-दूसरे के करीबी दोस्त हैं।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (SDOP) विवेक शर्मा ने बताया, “शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ बलात्कार, SC-ST एक्ट और मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम (धर्मांतरण विरोधी कानून) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की टीमें और तकनीकी इकाइयां आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भेजी गई हैं।”

पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि तीनों लड़कियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और घटनास्थल से सबूत जुटाए जा रहे हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि आरोपियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वर्तमान में पुलिस की तकनीकी टीमें आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करने में जुटी हैं ताकि उन्हें जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।

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