तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि विरुधुनगर जिले में पटाखा कारखाने में हुए विस्फोट में कई लोगों की मृत्यु की दुखद खबर से गहरा दुख हुआ है। मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।
उन्होंने कहा कि मैंने मंत्री केकेएसएसआर रामचंद्रन और थंगम थेन्नारासु से तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव कार्यों में तेजी लाने और उनकी निगरानी करने तथा प्रभावित परिवारों को सांत्वना देने का अनुरोध किया है। इस घटना की सूचना मिलते ही मैंने जिला कलेक्टर से संपर्क किया और उन्हें सभी आवश्यक सहायता समन्वय करने का निर्देश दिया है।
जानकारी के मुताबिक, इस फैक्ट्री का मालिकाना हक गोविंदनाल्लूर निवासी मुथु मानिकम के पास है और यह एक वैध आरडीओ लाइसेंस के तहत संचालित हो रही थी। फैक्ट्री परिसर में 30 से अधिक कमरे बने हुए हैं और यहां 50 से ज्यादा कर्मचारी कार्यरत हैं।
रविवार को जब लगभग 30 कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर मौजूद थे, तभी अचानक एक जोरदार विस्फोट हुआ। इस धमाके से फैक्ट्री के कम से कम चार कमरों को भारी नुकसान पहुंचा और देखते ही देखते वहां अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद करीब एक घंटे से अधिक समय तक आग पर काबू पाने का प्रयास किया। कड़ी मशक्कत के बाद आग को बुझा लिया गया, लेकिन तब तक नुकसान काफी गंभीर हो चुका था। हादसे के समय फैक्ट्री में 30 से अधिक लोग मौजूद थे, जिनमें से कई मलबे के नीचे दब गए। बचाव दल ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश जारी रखी।
अब तक लगभग 18 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि अन्य लापता लोगों की तलाश जारी है। इस दर्दनाक घटना के बाद प्रशासन और पुलिस विभाग भी हरकत में आ गया है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) श्रीनाथ स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं और पूरे मामले की गहन जांच के आदेश दिए गए हैं।
प्रारंभिक आशंका है कि विस्फोट फैक्ट्री में रखे ज्वलनशील पदार्थों के कारण हुआ हो सकता है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल पाएगा। इस हादसे ने एक बार फिर पटाखा फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
