अहमदाबाद में गुरुवार(12 जून) को हुए भयावह विमान हादसे के बाद राहत-बचाव कार्यों में जुटा प्रशासन अब मृतकों के परिजनों को उनकी व्यक्तिगत वस्तुएं सौंपने की तैयारी कर रहा है। गुजरात के गृह मंत्री हर्ष सांघवी ने रविवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि हर एक सामान को दस्तावेजीकृत किया जाएगा और अत्यंत संवेदनशीलता के साथ उसे संबंधित परिवारों तक पहुंचाया जाएगा।
गृह मंत्री हर्ष सांघवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, “दुर्घटनास्थल पर मिले प्रत्येक सामान को सावधानीपूर्वक एकत्र किया जाएगा, उसका दस्तावेजीकरण किया जाएगा और संबंधित परिवारों को सौंप दिया जाएगा। हमारी टीम इन व्यक्तिगत वस्तुओं का पता लगाने और उनकी पहचान करने के लिए लगन से काम कर रही है।”
उन्होंने आगे कहा,”हम नागरिक उड्डयन विभाग के साथ मिलकर एक सुचारु और सम्मानजनक प्रक्रिया सुनिश्चित कर रहे हैं। सामान की वापसी सभी नियमों और विनियमों के अनुसार की जाएगी। इन वस्तुओं के भावनात्मक महत्व को हम भली-भांति समझते हैं और उन्हें जल्द से जल्द परिवारों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
इससे पहले गुजरात पुलिस महानिदेशक (DGP) के आधिकारिक एक्स अकाउंट से कुछ तस्वीरें साझा की गईं, जिनमें स्थानीय निवासी और स्वयंसेवक राहत-बचाव में मदद करते दिखे। पोस्ट में कहा गया,”पिछले दो दिनों से जांच के उद्देश्य से पूरे क्षेत्र की घेराबंदी और सील की गई है। सभी स्थानीय निवासियों और स्वयंसेवकों का आभार, जिन्होंने तत्काल मदद की। लोगों से अपील है कि वे दुर्घटनास्थल के पास न जाएं।”
गुरुवार को लंदन के लिए उड़ान भर रहे एयर इंडिया के विमान में 230 यात्री और 12 चालक दल सदस्य सवार थे। यह विमान टेकऑफ के तुरंत बाद तकनीकी खराबी के चलते अहमदाबाद के बाहरी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में 240 लोग मारे गए, और केवल एक व्यक्ति — विश्वास कुमार रमेश, सीट नंबर 11A पर बैठे — जीवित बचे। वह भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक हैं और वर्तमान में लंदन में रहते हैं।
दुर्घटना के अगले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने करीब 20 मिनट तक राहत-बचाव कार्यों की जानकारी ली और वहां मौजूद NDRF व प्रशासनिक टीमों से बातचीत की। इसके बाद पीएम मोदी अहमदाबाद सिविल अस्पताल भी गए, जहां उन्होंने घायलों से मुलाकात की, उनका हालचाल जाना और एकमात्र जीवित बचे विश्वास कुमार रमेश से विशेष रूप से बातचीत की।
इस हृदयविदारक हादसे में मृतकों की स्मृतियों से जुड़ी वस्तुएं ही उनके परिवारों के लिए आखिरी निशानी बनेंगी। सरकार और प्रशासन ने जो संवेदनशीलता दिखाई है, वह दुख की इस घड़ी में परिजनों को थोड़ी राहत देने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। हर्ष सांघवी के अनुसार, हर बैग, हर वस्तु और हर पहचान चिन्ह को मानवीय दृष्टिकोण से संभाल कर सौंपा जाएगा, ताकि पीड़ित परिवार अपने अपनों की अंतिम स्मृतियों को संजो सकें।
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