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झारखंड: पूर्व कांग्रेस विधायक अंबा प्रसाद के करीबियों के 8 ठिकानों पर ईडी की छापेमारी!

कोयला व पावर सेक्टर में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच

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झारखंड के बड़कागांव से पूर्व कांग्रेस विधायक अंबा प्रसाद के करीबियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रांची, हजारीबाग और बड़कागांव में एक साथ आठ ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई कोल ट्रांसपोर्टिंग, इन्फ्रास्ट्रक्चर और पावर सेक्टर से जुड़ी एक चर्चित कंपनी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की जा रही है।

ईडी सूत्रों के अनुसार, छापेमारी शुक्रवार (4 जुलाई) सुबह से शुरू की गई और इसमें अंबा प्रसाद के निजी सहायक संजीव साव, करीबी सहयोगी संजीत, मनोज दांगी और पंचम कुमार के आवास शामिल हैं। रांची के किशोरगंज इलाके में संजीत के आवास पर विशेष तलाशी ली जा रही है। बड़कागांव में स्थित अन्य ठिकानों पर भी ईडी की टीमें पहुंची हैं, जहां सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है।

इससे पहले मार्च 2024 में भी ईडी ने अंबा प्रसाद, उनके पिता और झारखंड के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव, भाई अंकित राज और अन्य करीबियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस दौरान 35 लाख रुपये नकद, डिजिटल डिवाइस, बैंकों के नकली टिकट, हाथ से लिखी रसीदें, डायरियां, और कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए थे। सूत्रों के अनुसार, वर्तमान कार्रवाई उन्हीं सबूतों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।

ईडी की टीमें इस बार वित्तीय लेन-देन, भूमि दस्तावेजों, खनन से जुड़े रिकॉर्ड और बेनामी संपत्तियों की गहन जांच कर रही हैं। अंबा प्रसाद, उनके पिता और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर बनी 10 कंपनियों को जांच के दायरे में लिया गया है। इन कंपनियों की भूमिका को लेकर ईडी ने बैंकों और पावर प्रोजेक्ट्स से दस्तावेज भी तलब किए हैं।

इससे पहले ईडी ने अंबा प्रसाद, योगेंद्र साव और अंकित राज को रांची स्थित जोनल कार्यालय में बुलाकर पूछताछ भी की थी। जांच एजेंसी का मानना है कि सरकारी ठेकों और कोयला ट्रांसपोर्टिंग से जुड़ी फर्जी कंपनियों के माध्यम से बड़े पैमाने पर धन शोधन (money laundering) किया गया है।

अंबा प्रसाद ने वर्ष 2019 में बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर विधायक बनी थीं। यही सीट पहले उनके पिता योगेंद्र साव और मां निर्मला देवी भी संभाल चुके हैं। परिवार का झारखंड की राजनीति में अच्छा-खासा दखल रहा है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में खनन, भूमि और ठेकों में अनियमितता के आरोप लगते रहे हैं।

ईडी के अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल डाटा और वित्तीय रिकॉर्ड को खंगालने के बाद आगे की पूछताछ और गिरफ्तारी की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल बड़े पैमाने पर दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जिनका परीक्षण जारी है। झारखंड में इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्माया हुआ है। कांग्रेस पार्टी की ओर से इस पर फिलहाल कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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