बेंगलुरु की विशेष सांसद/विधायक अदालत ने शुक्रवार (1 अगस्त)को जनता दल (सेक्युलर) के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को कर्नाटक के बहुचर्चित अश्लील वीडियो और बलात्कार मामले में दोषी ठहराया। जानकारी के अनुसार फैसला सुनते ही रेवन्ना कोर्ट में टूट पड़े और फूट-फूटकर रोने लगे। प्रज्वल पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा के पोते हैं।
यह मामला के.आर. नगर की एक घरेलू महिला कर्मचारी द्वारा दायर बलात्कार और अन्य गंभीर आरोपों से जुड़ा है। अदालत ने इस केस में कुल 26 साक्ष्यों की समीक्षा की, जिनमें वे वीडियो भी शामिल थे जिनमें कथित रूप से प्रज्वल रेवन्ना महिलाओं के साथ यौन शोषण करते और उसे रिकॉर्ड करते दिख रहे थे। ये वीडियो 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान सामने आए थे। मतदान के बाद प्रज्वल देश से फरार हो गए थे। होलेनरसीपुरा की एक पीड़िता ने सबसे पहले उनके खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज करवाई थी।
31 मई 2024 को जब रेवन्ना बेंगलुरु लौटे, तब उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उनकी वापसी पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा और केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी की सार्वजनिक अपीलों के बाद हुई थी। रेवन्ना पिछले 14 महीनों से बेंगलुरु सेंट्रल जेल में बंद हैं। उनकी कई जमानत याचिकाएं विभिन्न अदालतों द्वारा खारिज की जा चुकी हैं।
विशेष जांच दल (SIT) ने उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376(2)(n) (एक ही महिला के साथ बार-बार बलात्कार), 506 (आपराधिक धमकी), 354A(1) (अनचाहा शारीरिक संपर्क और यौन मांग), 354B (कपड़े उतारने के इरादे से बल प्रयोग), और 354C (छुपकर महिलाओं की निगरानी/वॉयरिज्म) के तहत मामला दर्ज किया था।
30 जुलाई को कोर्ट ने दोनों पक्षों से स्पष्टीकरण मांगते हुए सुनवाई स्थगित की थी। अदालत ने यह भी स्पष्ट करने को कहा था कि क्या गूगल मैप्स को इस केस में वैध साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया जा सकता है। इसके अलावा एक सैमसंग J4 मोबाइल की जब्ती पर भी सवाल उठाया गया था, जो कथित रूप से रेवन्ना का था।
यह भी पढ़ें:
कर्नाटक: 15,000 की सरकारी सैलरी कैसे बनाई 30 करोड़ की संपत्ति!
9 सितंबर को होगा उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव!
“हमारे पास एटम बम है, फटेगा तो चुनाव आयोग कहीं नहीं दिखेगा।”



