प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मार्च में मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल होने का सौभाग्य मिला था। उस अवसर पर हमने अपने संबंधों को एक उन्नत रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया। अब हमने अपने द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं की व्यापक समीक्षा की और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान भी किया।
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मॉरीशस, भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति और ‘विजन महासागर’ का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। हमेशा मॉरीशस की संप्रभुता की पूर्ण मान्यता का समर्थन किया है।
चागोस समझौता संपन्न होने पर पीएम रामगुलाम और मॉरीशस के लोगों को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये मॉरीशस की संप्रभुता की एक ऐतिहासिक जीत है।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, “पिछले साल मॉरीशस में यूपीआई और रूपे कार्ड की शुरुआत हुई। अब हम लोकल करेंसी में व्यापार को सक्षम करने की दिशा में काम करेंगे।
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि भारत के आईआईटी मद्रास और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ प्लांटेशन मैनेजमेंट ने यूनिवर्सिटी ऑफ मॉरीशस के साथ समझौते संपन्न किए हैं। ये समझौते रिसर्च, शिक्षा और इनोवेशन में आपसी साझेदारी को नए पायदान पर ले जाएंगे।
मॉरीशस के प्रधानमंत्री को भरोसा देते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, “फ्री, ओपन, सिक्योर, स्थिर और समृद्ध हिंद महासागर हमारी साझा प्राथमिकता है।



