बुधवार को साम्हो-भरथना रेलवे ट्रैक पर एक महिला मृत अवस्था में मिली थी। शव की शिनाख्त आरती यादव (32) के तौर पर हुई थी। शुरू में पुलिस ने चलती ट्रेन से गिरने का मामला दर्ज किया था, लेकिन पीड़ित परिवार द्वारा महिला की हत्या किए जाने का शक जताने के बाद मामले में नया मोड़ आ गया।
परिवार के मुताबिक, कानपुर देहात की रहने वाली आरती अपने पति अजय यादव की सलाह पर अकेले दिल्ली इलाज के लिए जा रही थी। अजय यादव अभी भारतीय नौसेना में पोस्टेड है और चेन्नई में स्पेशल ट्रेनिंग ले रहे हैं।
आरती अक्सर इलाज के लिए दिल्ली आती-जाती रहती थी और उसका दूसरी ट्रेन में कन्फर्म रिजर्वेशन था, लेकिन वह ट्रेन के सही समय पर नहीं पहुंची जिसके चलते उसकी ट्रेन छूट गई। इसके बाद वह पटना-आनंद विहार ट्रेन में चढ़ गई।
परिवार का आरोप है कि ट्रेन में चढ़ने के बाद आरती ने पूरे मामले की जानकारी टीटीई संतोष को दी, जिस पर संतोष ने उसको डांटते हुए चलती ट्रेन से धक्का दे दिया। इसकी वजह से वह गिर गई और उसकी मौत हो गई।
गुरुवार को जब परिवार मौके पर गया और कई किलोमीटर दूर-दूर तक खोजने के बाद अहम सबूत मिले, तो शक और गहरा गया।
परिवार के एक सदस्य ने आरोप लगाया, “यह कोई नॉर्मल एक्सीडेंट नहीं हो सकता। उसका सामान अलग-अलग जगहों पर मिलना साफ तौर पर दखलअंदाजी या हमले का इशारा है।”
इन घटनाओं के बाद इटावा की रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने टीटीई के खिलाफ मर्डर से जुड़ी धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
जीआरपी के सीओ उदय प्रताप सिंह ने कहा, “शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया था कि महिला की मौत ट्रेन से गिरने के बाद हुई, हालांकि परिवार के आरोपों के आधार पर अब टीटीई के खिलाफ मर्डर के आरोपों के तहत केस दर्ज किया गया है। पूरी जांच चल रही है। आगे की जांच जारी है।”
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