इज़राइल ने ईरान के सुप्रीम लीडर खामनेई की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वर्षों तक तेहरान के ट्रैफिक कैमरा नेटवर्क और मोबाइल फोन सिस्टम को हैक किया। यह दावा ब्रिटिश अखबार फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट में किया गया है, जिसमें वर्तमान और पूर्व इज़राइली खुफिया अधिकारियों समेत कई सूत्रों के हवाले से विस्तृत जानकारी दी गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान के लगभग सभी ट्रैफिक कैमरे कथित तौर पर कई वर्षों से निगरानी में थे। दो सूत्रों ने फाइनेंशियल टाइम्स को बताया कि कैमरों से प्राप्त फुटेज को एन्क्रिप्ट कर तेल अवीव और दक्षिणी इज़राइल में स्थित सर्वरों पर भेजा जाता था। एक विशेष कैमरा एंगल को बेहद महत्वपूर्ण बताया गया, जिससे यह समझने में मदद मिली कि बॉडीगार्ड अपने निजी वाहन कहां पार्क करते हैं और पाश्चर स्ट्रीट के पास स्थित परिसर के भीतर दैनिक गतिविधियां कैसी रहती हैं।
CNN की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी और इज़राइली खुफिया अधिकारियों ने खामेनेई की दिनचर्या का गहन अध्ययन किया था, “वह कहाँ रहता था, किन लोगों से मिलता था, कैसे संवाद करता था और हमले के खतरे की स्थिति में वह कहाँ शरण ले सकता था। इन सब का गहन अध्ययन किया गया था।” रिपोर्ट में कहा गया कि 86 वर्षीय ख़ामेनेई के साथ अन्य वरिष्ठ राजनीतिक और सैन्य नेताओं की भी निगरानी की जा रही थी, जो शायद ही कभी एक साथ एक ही स्थान पर एकत्र होते थे।
बताया गया कि शनिवार (28 फरवरी) सुबह तेहरान स्थित एक परिसर में ख़ामेनेई राष्ट्रपति कार्यालय और राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र के दफ्तर में थे, अलग-अलग स्थानों पर शीर्ष ईरानी अधिकारियों की बैठक प्रस्तावित थी। प्रारंभिक योजना के अनुसार हमला रात में होना था, लेकिन बाद में इसे दिन में अंजाम दिया गया। स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 6 बजे इज़राइल से उड़ान भरने वाले लड़ाकू विमानों ने सटीक निर्देशित हथियारों से परिसर पर हमला किया।
एक अनाम इज़राइली सैन्य अधिकारी ने दावा किया कि 60 सेकंड के भीतर तीन लक्ष्यों पर हमले किए गए, जिनमें खामेनेई और रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख सहित करीब 40 वरिष्ठ अधिकारी मारे गए। अधिकारी के अनुसार, दिनदहाड़े हमला करने से ईरान सकते में आ गया।
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ईरान में 1,250 से अधिक लक्ष्यों पर हमले किए गए हैं, 11 ईरानी जहाज नष्ट किए गए और कम से कम 10 युद्धपोत डुबो दिए गए। सप्ताहांत में कुवैत पर ईरानी जवाबी हमलों में छह अमेरिकी सैनिकों की मौत की पुष्टि हुई है।
संयुक्त अमेरिकी-इज़राइली हमलों में शीर्ष ईरानी राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व को निशाना बनाया गया और 1,000 से अधिक ठिकानों पर प्रहार हुआ। इस संघर्ष ने खाड़ी क्षेत्र को व्यापक युद्ध की स्थिति में धकेल दिया है। ईरान, इज़राइल और लेबनान में नागरिक हताहतों की संख्या बढ़ी है।
इसके साथ ही वैश्विक उड्डयन सेवाएं बाधित हुई हैं और होरमुज जलडमरूमध्य के जरिए होने वाला समुद्री व्यापार प्रभावित हुआ है। यह मार्ग वैश्विक तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा संभालता है, जिसके कारण ऊर्जा कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है।
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