भारत सरकार का पर्यावरण एवं वन मंत्रालय लेमन ग्रास के औषधीय गुणों के बारे में लोगों को जागरूक कर रहा है। आयुर्वेद के अनुसार, लेमन ग्रास एक स्वादिष्ट और सुगंधित जड़ी-बूटी है, जो त्वचा और शरीर की सफाई के लिए बेहद उपयोगी मानी जाती है। इसे आसानी से घर के आस-पास गमले या बगीचे में उगाया जा सकता है, जिससे न सिर्फ स्वास्थ्य लाभ मिलता है बल्कि पर्यावरण भी स्वच्छ रहता है।
वास्तव में लेमन ग्रास सेहत का साथी है। मौसम के बदलाव में होने वाले संक्रमण, थकान, बार-बार सर्दी-जुकाम और त्वचा की समस्याओं से छुटकारा दिलाने में यह कारगर है। आयुर्वेद में इसे पाचन शक्ति बढ़ाने, जोड़ों के दर्द और पीरियड्स की समस्याओं में भी उपयोगी बताया गया है। लेमन ग्रास की चाय के सेवन कुछ ही दिनों में फर्क महसूस होने लगता है। यह पाचन क्रिया सुधारने, भूख बढ़ाने और त्वचा के रूखापन को कम करने भी करागर है।
खास बात यह है कि लेमन ग्रास के सेवन से सेहत को कई लाभ मिलते हैं। यह हेलमिन्थेशिया यानी कृमि रोग में उपयोगी है क्योंकि इसमें एंटी-पैरासाइटिक गुण होते हैं जो आंतों के कीड़ों को निकालने में मदद करते हैं।
साथ ही कई स्किन डिजीज जैसे फंगल इंफेक्शन, मुंहासे और त्वचा की सूजन में इसका इस्तेमाल फायदेमंद होता है। इसके एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण त्वचा को साफ और स्वस्थ रखते हैं। लेमन ग्रास की चाय पीने से सर्दी, खांसी, बुखार में राहत मिलती है। यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करती है, तनाव कम करती है और इम्युनिटी बढ़ाती है।
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