29 C
Mumbai
Saturday, October 17, 2026
होमदेश दुनिया17 जून 2026 का पंचांग: तृतीया तिथि के साथ होगी दिन की...

17 जून 2026 का पंचांग: तृतीया तिथि के साथ होगी दिन की शुरुआत, रात में लगेगी चतुर्थी​!

तृतीया तिथि को पूजा-पाठ, दान-पुण्य और सामान्य शुभ कार्यों के लिए अच्छा माना जाता है। लेकिन जैसे ही चतुर्थी शुरू होगी, दिन का असर थोड़ा बदल जाएगा। इस समय नए काम शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।

Google News Follow
धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से 17 जून 2026, बुधवार का दिन खास रहने वाला है। ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाले इस दिन तिथि, नक्षत्र और चंद्रमा की स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे। वहीं दिन की शुरुआत तृतीया तिथि के साथ होगी, लेकिन रात में चतुर्थी तिथि शुरू हो जाएगी।

पंचांग के अनुसार, इस दिन शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि रात 9 बजकर 38 मिनट तक रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू हो जाएगी। ​तृतीया तिथि को पूजा-पाठ, दान-पुण्य और सामान्य शुभ कार्यों के लिए अच्छा माना जाता है। लेकिन जैसे ही चतुर्थी शुरू होगी, दिन का असर थोड़ा बदल जाएगा। इस समय नए काम शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।

नक्षत्र की बात करें तो इस दिन दोपहर 1 बजकर 36 मिनट तक पुनर्वसु नक्षत्र रहेगा। इसके बाद पुष्य नक्षत्र का आरंभ होगा। पुष्य नक्षत्र को बेहद शुभ माना जाता है और इसे समृद्धि और उन्नति के लिए अनुकूल माना जाता है।

ग्रहों की चाल के मुताबिक, चंद्रमा भी इस दिन राशि परिवर्तन करेगा। सुबह 8 बजकर 13 मिनट तक चंद्रमा मिथुन राशि में रहेगा और उसके बाद कर्क राशि में प्रवेश कर जाएगा। मान्यता है कि चंद्रमा के इस गोचर का असर लोगों की मानसिक स्थिति, भावनाओं और दूसरे कामों पर पड़ता है।

योग की स्थिति भी दिनभर बदलती रहेगी। रात 8 बजकर 50 मिनट तक ध्रुव योग रहेगा। यह योग स्थिरता और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। इसके बाद व्याघात योग शुरू होगा। ज्योतिष शास्त्र में व्याघात योग के दौरान महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचने की सलाह दी जाती है।

17 जून के शुभ और अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल दोपहर 12 बजकर 27 मिनट से 2 बजकर 8 मिनट तक रहेगा। इस अवधि में नए और मांगलिक कार्य शुरू करने से परहेज किया जाता है। इसके अलावा, यमगण्ड सुबह 7 बजकर 25 मिनट से 9 बजकर 6 मिनट तक और कुलिक काल सुबह 10 बजकर 47 मिनट से दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। वहीं दुर्मुहूर्त दोपहर 12 बजे से 12 बजकर 54 मिनट तक रहेगा।

शुभ समय की बात करें तो अमृत काल सुबह 5 बजकर 40 मिनट से 7 बजकर 8 मिनट तक और फिर सुबह 11 बजकर 28 मिनट से दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 9 मिनट से 4 बजकर 57 मिनट तक रहेगा, जिसे पूजा-पाठ और ध्यान के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है।

इस दिन सूर्योदय सुबह 5 बजकर 45 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 7 बजकर 10 मिनट पर होगा। चंद्रोदय सुबह 7 बजकर 47 मिनट पर और चंद्रास्त रात 9 बजकर 44 मिनट पर होगा।​

 
यह भी पढ़ें- 

कम उम्र में सफेद बाल? सर्वांगासन अपनाएं, दवा नहीं योग बनेगा समाधान!

National Stock Exchange

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited
[td_block_social_counter open_in_new_window="y" style="style6 td-social-boxed" block_template_id="td_block_template_9" border_color="#fbd54a" f_header_font_size="26" f_header_font_weight="700" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXRvcCI6IjAiLCJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiMzAiLCJwYWRkaW5nLXRvcCI6IjAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn19" custom_title="हमें फॉलो करें" facebook="NewsDankaHindi" twitter="NewsDanka" youtube="channel/UCqtL0xCsgAmB3XXrh9nln2Q" manual_count_twitter="526" f_header_font_family="668"]

अन्य लेटेस्ट खबरें