₹2,500 करोड़ होमबायर फ्रॉड केस में ईडी की छापेमारी, रहेजा डेवलपर्स से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित ₹2,500 करोड़ के होमबायर फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रहेजा डेवलपर्स से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई दिल्ली जोनल ऑफिस द्वारा दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न स्थानों पर की गई। यह छापेमारी नोएडा, ग्रेटर नोएडा, सैनिक फार्म और न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी सहित कई परिसरों में की गई। इन ठिकानों का संबंध कंपनी के प्रमोटर नवीन रहेजा, उनके बेटे नयन रहेजा, परिवार के अन्य सदस्यों और कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से बताया जा रहा है।

जांच का केंद्र आरोप है कि कंपनी ने विभिन्न हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के तहत खरीदारों से करीब ₹2,500 करोड़ जुटाए, लेकिन तय समय सीमा में फ्लैट्स की डिलीवरी नहीं की। शिकायतों का बड़ा हिस्सा ‘रहेजा रेवांता’ प्रोजेक्ट से जुड़ा बताया जा रहा है।

अधिकारियों के मुताबिक, यह मामला कई एफआईआर और प्रभावित खरीदारों की शिकायतों पर आधारित है। आरोप है कि कंपनी ने खरीदारों से जुटाई गई राशि का दुरुपयोग किया और परियोजनाओं के निर्माण में देरी की। ईडी इस बात की जांच कर रही है कि क्या इन फंड्स को निर्माण के अलावा अन्य उद्देश्यों के लिए डायवर्ट किया गया।

यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत चल रही जांच का हिस्सा है। एजेंसी वित्तीय लेनदेन के पैटर्न की पड़ताल कर रही है और फंड फ्लो का पता लगाने में जुटी है।

छापेमारी के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड्स का विश्लेषण कर आगे की जांच को बढ़ाया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई रियल एस्टेट सेक्टर में उन डेवलपर्स पर बढ़ती निगरानी को दर्शाती है, जिन पर प्रोजेक्ट में देरी और फंड के दुरुपयोग के आरोप लग रहे हैं। फिलहाल, ईडी की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।

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