बांग्लादेश वायुसेना में टीटीपी की घुसपैठ: पाकिस्तानी आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़

कई अधिकारी गिरफ्तार और दर्जनों फरार

बांग्लादेश वायुसेना में टीटीपी की घुसपैठ: पाकिस्तानी आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़

TTP infiltration into Bangladesh Air Force: Pakistani terror network busted

बांग्लादेश वायुसेना (BAF) इस समय अपने इतिहास के सबसे बड़े आंतरिक सुरक्षा संकट से जूझ रही है। खुफिया विभाग द्वारा कई सैन्य ठिकानों पर की गई छापेमारी में प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के साथ वायुसेना के अधिकारियों और कर्मियों के संदिग्ध संबंधों का खुलासा हुआ है। 20 अप्रैल की तड़के शुरू हुई इस कार्रवाई के बाद से कम से कम दो स्क्वाड्रन लीडर और करीब 10 जूनियर कमीशंड अधिकारियों (JCOs) को गिरफ्तार किया गया है।

दरअसल चटगांव के जहुरुल हक एयर बेस पर तैनात एक वारंट अधिकारी दो महीने पहले बिना बताए ड्यूटी से गायब (AWOL) होने के बाद इस बात का खुलासा हुआ। पाकिस्तानी अधिकारियों ने उसे खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक TTP ठिकाने से गिरफ्तार किया।

पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसियों की पूछताछ में उस अधिकारी ने स्वीकार किया कि टीटीपी बांग्लादेश वायुसेना के भीतर महीनों से भर्ती अभियान चला रहा है और कई अन्य कर्मी भी उनके संपर्क में हैं। पाकिस्तान द्वारा साझा की गई इस गोपनीय जानकारी के बाद बांग्लादेशी खुफिया विंग ने 20 अप्रैल को ढाका, चटगांव और जेसोर स्थित सैन्य ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।

जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि जहुरुल हक एयर बेस की मुख्य मस्जिद का इमाम, अब्दुस शुकुर, इस नेटवर्क का मुख्य भर्तीकर्ता (Recruiter) था। संदिग्ध है कि उसे करीब छह महीने पहले टीटीपी के ‘टैलेंट स्पॉटर्स’ ने अपने साथ जोड़ा था। शुकुर को भी छापेमारी के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जैसे ही इस कार्रवाई की खबर फैली, TTP द्वारा भर्ती किए गए कम से कम 10 से 12 अन्य वारंट अधिकारी और वायुसैनिक देश छोड़कर भाग गए। बताया जा रहा है कि ये भगोड़े कर्मी पाकिस्तान, तुर्की, पुर्तगाल और न्यूजीलैंड जैसे देशों में शरण लेने की कोशिश कर रहे हैं।

 इस घुसपैठ का दायरा केवल वायुसेना तक सीमित नहीं है। बांग्लादेशी पुलिस ने अब कम से कम दो पूर्व सैन्य अधिकारियों की भी जांच शुरू कर चुकी है। खुफिया इनपुट्स से संकेत मिले हैं कि TTP कॉक्स बाजार के उखिया में एक प्रशिक्षण सुविधा केंद्र स्थापित करने की योजना बना रहा था।

सुरक्षा एजेंसियों ने एक संदिग्ध इश्तियाक अहमद (उर्फ सामी) को भी गिरफ्तार किया है, जो सेना से बर्खास्त किए गए सदस्यों के साथ नियमित संपर्क में था। इन खुलासों के बाद बांग्लादेश पुलिस ने उच्च स्तरीय अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि आतंकवादी समूह के समर्थक संसद भवन, कानून प्रवर्तन कार्यालयों, धार्मिक स्थलों और शस्त्रागारों (armouries) जैसे संवेदनशील स्थानों को निशाना बना सकते हैं।

अब तक जहुरुल हक एयर बेस (चटगांव) की 25वीं स्क्वाड्रन से कई कर्मियों को पकड़ा गया। साथ ही ढाका के कुर्मीटोला में ए.के. खांडेकर बेस में तैनात दो भगोड़े वायुसैनिकों की तलाश जारी है। इसी के साथ जेसोर के मतीउर रहमान बेस  की 18वीं स्क्वाड्रन रडार संचालन से जुड़े अधिकारियों की गिरफ्तारियां हुई हैं।

हालांकि बांग्लादेशी अधिकारियों ने अभी तक इन गिरफ्तारियों के पैमाने पर आधिकारिक तौर पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है, लेकिन देशभर के वायुसेना केंद्रों पर सुरक्षा को अभूतपूर्व स्तर तक बढ़ा दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा माना जा रहा है।

यह भी पढ़ें:

दिल्ली एयरपोर्ट पर स्विस एयर की फ्लाइट में आग का धुंआ ; आपातकालीन निकासी के दौरान 6 यात्री घायल

दिल्ली कैपिटल्स ने दिया लुंगी एनगिडी की इंजरी पर बड़ा अपडेट

पश्चिम बंगाल में कांग्रेस कार्यकर्ता की पीट-पीटकर हत्या; TMC पार्टी के गुंडों पर आरोप!

Exit mobile version