दूसरी तिमाही में 8.2% बढ़ी अर्थव्यवस्था, ट्रंप टैरिफ दबाव के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था का अच्छा प्रदर्शन!

छह तिमाहियों में सबसे तेज़ वृद्धि

दूसरी तिमाही में 8.2% बढ़ी अर्थव्यवस्था, ट्रंप टैरिफ दबाव के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था का अच्छा प्रदर्शन!

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भारत की अर्थव्यवस्था ने सितंबर तिमाही में एक बार फिर दमदार प्रदर्शन किया है। वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (Q2) में देश की वास्तविक जीडीपी 8.2% बढ़ी, जो न सिर्फ पिछले वर्ष की इसी अवधि के 5.6% से काफी अधिक है, बल्कि पहली तिमाही के 7.8% से भी मजबूत और पिछली छह तिमाहियों में सर्वाधिक है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ का दबाव भारतीय अर्थव्यवस्था पर बना हुआ है बावजूद इसके भारतीय अर्थव्यवस्था ने अच्छा प्रदर्शन किया है।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी आंकड़े बताते हैं कि भारत की वृद्धि दर का मुख्य आधार मैन्युफैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन और सर्विस सेक्टर रहा। निरंतर मांग और मजबूत घरेलू आर्थिक गतिविधियों ने उम्मीद से बेहतर परिणाम दिए।स्थिर कीमतों पर भारत की जीडीपी ₹48.63 लाख करोड़ रही, जो एक वर्ष पहले की ₹44.94 लाख करोड़ की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है। नाममात्र जीडीपी भी 8.7% बढ़कर ₹85.25 लाख करोड़ पर पहुंच गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे काफी उत्साहजनक बताते हुए कहा कि यह वृद्धि नीतिगत सुधारों और भारत के लोगों की कड़ी मेहनत का परिणाम है। उन्होंने लिखा, “8.2% की जीडीपी वृद्धि हमारे सुधारों, प्रगति और Ease of Living के प्रयासों को दर्शाती है। सरकार आगे भी विकास को गति देने के लिए काम करती रहेगी।”

दूसरी तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 9.1%, जबकि कंस्ट्रक्शन में 7.2% की वृद्धि दर्ज की गई। संपूर्ण सेकेंडरी सेक्टर ने 8.1% की मजबूती दिखाई। सर्विस सेक्टर (तृतीयक क्षेत्र) इस बार भी अर्थव्यवस्था का सबसे मजबूत इंजन बना रहा। इसमें 9.2% की वृद्धि हुई, जिसमें वित्तीय, रियल एस्टेट और प्रोफेशनल सेवाओं में 10.2% का विस्तार शामिल है।

निजी खपत (PFCE) में भी सुधार देखने को मिला और यह 7.9% बढ़ी, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 6.4% थी। यह दर्शाता है कि असमान मानसून के बावजूद उपभोग मांग स्थिर रही। हालांकि, कृषि क्षेत्र ने अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन किया और केवल 3.5% की वृद्धि दर्ज की। बिजली, गैस और जल आपूर्ति जैसे यूटिलिटी सेक्टर में वृद्धि 4.4% रही।

FY26 की पहली दो तिमाहियों में भारत की औसत जीडीपी वृद्धि 8% रही, जो पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही के 6.1% से काफी आगे है। Q2 में GVA वृद्धि भी 8.1% रही, जो अधिकांश प्रमुख उद्योगों में व्यापक सुधार को दर्शाती है।  अंतरराष्ट्रीय दबावों और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, यह मजबूत तिमाही भारत को दुनिया की सबसे तेज़ बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, आगे आने वाले महीनों में महंगाई, उपभोग रुझान और वैश्विक मांग महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, लेकिन फिलहाल आर्थिक गति मजबूत बनी हुई है।

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