29.9 C
Mumbai
Thursday, June 18, 2026
होमबिजनेसवैश्विक चुनौती भी रोक न सकी भारत की सी-फूड निर्यात

वैश्विक चुनौती भी रोक न सकी भारत की सी-फूड निर्यात

वाणिज्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, “निर्यात में उछाल का श्रेय आधुनिक मछली पकड़ने के बंदरगाहों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, और मछली लैंडिंग केंद्रों के विकास को भी जाता है।”

Google News Follow

Related

दुनिया भर में आर्थिक अनिश्चितताओं और व्यापारिक तनावों के बीच भारत ने अपने समुद्री खाद्य निर्यात के मोर्चे पर एक उल्लेखनीय छलांग लगाई है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025 में भारत के सी-फूड निर्यात में 17.81 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो 0.58 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया।

भारत अब दुनिया के चौथे सबसे बड़े समुद्री उत्पाद निर्यातक के रूप में अपनी स्थिति को और भी मजबूत कर रहा है। बीते वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने 16.85 लाख मीट्रिक टन समुद्री खाद्य उत्पादों का निर्यात किया, जो मात्रा के लिहाज से 60% से अधिक की वृद्धि को दर्शाता है। मूल्य के आधार पर यह आंकड़ा 5.4 बिलियन डॉलर से बढ़कर 7.2 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है।

अमेरिका द्वारा टैरिफ में वृद्धि की घोषणा के बावजूद, भारत के सी-फूड निर्यात की गति थमती नहीं दिख रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि 2025-26 में भी यह सकारात्मक रुख जारी रहेगा। वर्तमान में भारत 130 देशों को समुद्री उत्पादों का निर्यात कर रहा है, जो 2014-15 में 105 देशों तक सीमित था।

सबसे अधिक निर्यात फ्रोजन झींगे (frozen shrimp) का होता है, जो कुल निर्यात मात्रा का 40% और मूल्य का 66.12% हिस्सा रखता है। इसमें अमेरिका और चीन भारत के सबसे बड़े बाजार बने हुए हैं।

इस तेजी के पीछे एक बड़ा योगदान प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) का है, जिसने देश में तकनीक-संचालित मत्स्य उत्पादन, खारे जल की खेती का विस्तार, गुणवत्ता प्रबंधन, और आधुनिक कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर के ज़रिये निर्यात में जबरदस्त सुधार लाया है।

वाणिज्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि “निर्यात में उछाल का श्रेय आधुनिक मछली पकड़ने के बंदरगाहों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, और मछली लैंडिंग केंद्रों के विकास को भी जाता है।”

सरकार का अगला बड़ा लक्ष्य है कि 2030 तक भारत का समुद्री खाद्य निर्यात 18 बिलियन डॉलर (1.57 लाख करोड़ रुपए) तक पहुंचे। यह लक्ष्य “विजन डॉक्यूमेंट-2030” में तय किया गया है, जिसे समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (MPEDA) द्वारा तैयार किया गया है।

इस प्राधिकरण की निगरानी में 2020-21 से 2024-25 तक मत्स्य क्षेत्र में 20,050 करोड़ रुपए का निवेश किया जा रहा है, जिससे उत्पादन और निर्यात—दोनों में सतत वृद्धि हो रही है। इस बढ़ते रुझान से स्पष्ट है कि भारत न केवल कृषि और सेवा क्षेत्र में बल्कि समुद्री खाद्य उत्पादों के वैश्विक मंच पर भी मजबूती से अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रहा है।

यह भी पढ़ें:

IPL 2025: आरोन फिंच की टिपण्णी “अपनी हालत के खुद जिम्मेदार हैं नाइटराइडर्स”

चारमीनार की आग में 17 की मौत, पीएम मोदी ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान

“आतंकवाद पर भारत का रुख दुनिया के सामने रखेगा यह प्रतिनिधिमंडल”

आतंकवाद समर्थन के लिए तुर्की को करारा जवाब, IIT बॉम्बे ने रद्द किए सभी शैक्षणिक करार

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,329फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
315,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें