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Monday, October 19, 2026
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भारतीय सेना ने स्वदेशी ‘SGV-500 स्कॉर्पियन’ रोबोटिक कॉम्बैट सिस्टम का सफल परीक्षण किया

गुजरात की स्टार्टअप कंपनी स्वायत्त सिस्टम का मानव रहित युद्धक वाहन भविष्य के युद्धक्षेत्र में बनेगा बड़ा हथियार

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भारतीय सेना ने स्वदेशी रक्षा तकनीक की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए गुजरात के वडोदरा स्थित डिफेंस स्टार्टअप स्वायत्त सिस्टम द्वारा विकसित SGV-500 स्कॉर्पियन मानव रहित ग्राउंड व्हीकल (UGV) का सफल फील्ड परीक्षण किया है। इस परीक्षण को भारत के स्वदेशी कॉम्बैट रोबोटिक्स कार्यक्रम के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

फील्ड ट्रायल के दौरान इस रोबोटिक वाहन की हथियार प्रणाली, कठिन इलाकों में गतिशीलता और रिमोट प्रिसीजन अटैक क्षमता का परीक्षण किया गया। परीक्षण सफल रहने के बाद इसे भविष्य में भारतीय सेना के फ्रंटलाइन सपोर्ट सिस्टम के रूप में इस्तेमाल किए जाने की संभावना बढ़ गई है।

SGV-500 स्कॉर्पियन एक कॉम्पैक्ट ट्रैक्ड मानव रहित ग्राउंड प्लेटफॉर्म है, जिसे कई प्रकार के युद्धक्षेत्रों और कठिन परिस्थितियों में संचालन के लिए तैयार किया गया है। इसे आधुनिक युद्ध की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। यह सिस्टम निगरानी, फायर सपोर्ट, सीमा सुरक्षा और दुश्मन के सैनिकों व हल्के वाहनों पर सीधे हमला करने में सक्षम है।

 

भारतीय सेना के साथ हुए परीक्षणों में SGV-500 ने लाइव फायरिंग के दौरान अपनी क्षमता साबित की। इसमें लाइट मशीन गन और ग्रेनेड लॉन्चर लगाए गए थे। सिस्टम ने तीन सेकंड से भी कम समय में लक्ष्य की पहचान कर हमला करने की क्षमता दिखाई। इसकी सटीकता हथियारों की मूल क्षमता के बेहद करीब बताई गई, जिससे यह साबित हुआ कि यह रिमोट ऑपरेशन के जरिए भी बेहद सटीक हमला कर सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की तकनीक युद्ध के दौरान सैनिकों के जोखिम को काफी कम कर सकती है, खासकर उन परिस्थितियों में जहां सीधे मानव हस्तक्षेप से जान का खतरा अधिक होता है।

परीक्षण के दौरान इसकी गतिशीलता भी प्रभावशाली रही। SGV-500 ने ऊबड़-खाबड़ इलाकों, खड़ी चढ़ाई और लंबे ऑपरेशनल मिशनों में सफल प्रदर्शन किया। यह बिना रीचार्ज के 40 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करने में सक्षम है और इसकी अधिकतम गति 30 किलोमीटर प्रति घंटा तक बताई गई है।

इसकी ट्रैक्ड डिजाइन और कॉम्पैक्ट आकार इसे शहरी इलाकों, संकरी गलियों और सीमित स्थानों में भी प्रभावी बनाते हैं। यही कारण है कि इसे असममित युद्ध और आतंकवाद-रोधी अभियानों के लिए भी उपयोगी माना जा रहा है।

करीब 500 किलोग्राम वजनी इस UGV में मजबूत आर्मर सुरक्षा दी गई है, जिससे यह युद्ध क्षेत्र में बेहतर सुरक्षा प्रदान करता है। इसे लगभग 10 किलोमीटर की दूरी तक रिमोट कंट्रोल किया जा सकता है। ड्रोन जैसे रिले सिस्टम की मदद से इसकी ऑपरेशनल रेंज को और बढ़ाया जा सकता है।

SGV-500 की एक बड़ी विशेषता इसका आधुनिक कंट्रोल इंटरफेस है, जो ऑपरेटर को रियल टाइम सिचुएशनल अवेयरनेस प्रदान करता है। सिस्टम में ऐसे उन्नत कम्युनिकेशन मॉड्यूल लगाए गए हैं जो GPS जामिंग और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर जैसी परिस्थितियों में भी काम करने में सक्षम हैं। आधुनिक युद्धक्षेत्रों में जहां दुश्मन जामिंग और स्पूफिंग तकनीक का इस्तेमाल करते हैं, वहां यह क्षमता बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

भारतीय सेना द्वारा किए गए सफल परीक्षण यह संकेत देते हैं कि भविष्य में सेना स्वदेशी मानव रहित युद्ध प्रणालियों पर अधिक भरोसा करने जा रही है। SGV-500 जैसे प्लेटफॉर्म सेना को ऐसे जोखिम भरे मिशनों में बढ़त दे सकते हैं जहां सैनिकों को सीधे खतरे में डालना पड़ता है।

 

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