मुंबई पोर्ट ने रचा नया रिकॉर्ड, 75.15 मिलियन टन कार्गो हैंडलिंग के साथ अब 80 मिलियन टन का लक्ष्य

वित्त वर्ष 2025-26 में मुंबई पोर्ट अथॉरिटी ने अब तक का सबसे अधिक कार्गो संभाला, समुद्री व्यापार और आर्थिक गतिविधियों में बढ़ी भूमिका

मुंबई पोर्ट ने रचा नया रिकॉर्ड, 75.15 मिलियन टन कार्गो हैंडलिंग के साथ अब 80 मिलियन टन का लक्ष्य

Mumbai Port sets new record, handling 75.15 million tonnes of cargo, now targets 80 million tonnes

वित्त वर्ष 2025-26 में मुंबई पोर्ट अथॉरिटी ने 75.15 मिलियन मीट्रिक टन कार्गो हैंडलिंग कर अब तक का अपना सर्वोच्च प्रदर्शन दर्ज किया है। इस उपलब्धि के साथ मुंबई पोर्ट ने देश के सभी प्रमुख बंदरगाहों के कुल कार्गो में 8.22 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की। अब पोर्ट अथॉरिटी ने अगले परिचालन लक्ष्य के रूप में 80 मिलियन मीट्रिक टन कार्गो हैंडलिंग का लक्ष्य तय किया है।

इस उपलब्धि और भविष्य की रणनीति पर चर्चा के लिए 22 मई को मुंबई में मुंबई पोर्ट अथॉरिटी की ओर से एक स्टेकहोल्डर मीट आयोजित की गई। बैठक में पोर्ट उपयोगकर्ताओं, टर्मिनल ऑपरेटरों, व्यापार प्रतिनिधियों, उद्योग जगत के सदस्यों और मुंबई पोर्ट अथॉरिटी के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

मुंबई पोर्ट अथॉरिटी के चेयरपर्सन डॉ. एम. अंगमुथु ने इस अवसर पर कहा, “75.15 मिलियन मीट्रिक टन कार्गो हैंडलिंग की उपलब्धि पोर्ट उपयोगकर्ताओं, व्यापार भागीदारों और केंद्र एवं राज्य सरकार की सहयोगी संस्थाओं के सामूहिक योगदान का परिणाम है। मैं इस प्रदर्शन में योगदान देने वाले प्रत्येक व्यक्ति और प्रत्येक हितधारक के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। बंदरगाह के माध्यम से संभाला गया प्रत्येक मिलियन टन कार्गो राजस्व उत्पन्न करता है, रोजगार को समर्थन देता है और प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से देश की आर्थिक वृद्धि में योगदान देता है। मुंबई पोर्ट राष्ट्र के लिए एक सुगमकर्ता के रूप में कार्य करता है और यह उपलब्धि उन सभी लोगों की है जिनका काम बंदरगाह के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ है।”

बैठक में यह भी बताया गया कि मुंबई पोर्ट की परिचालन संरचना अन्य बंदरगाहों से अलग है, क्योंकि यहां बड़ी मात्रा में कार्गो ऑफशोर और सहयोगी प्रणालियों के माध्यम से संचालित किया जाता है। प्रस्तुति के दौरान कार्गो वृद्धि, जहाज संचालन, तेज टर्नअराउंड टाइम, बेहतर बर्थ उपयोग और लागत प्रभावी एवं प्रतिस्पर्धी पोर्ट संचालन जैसे प्रमुख संकेतकों पर चर्चा की गई।

मुंबई पोर्ट ने आयरन और स्टील EXIM कार्गो में 35 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल की, जबकि लिक्विड बल्क कार्गो में 15.5 प्रतिशत और कोस्टल ट्रेड में 10.48 प्रतिशत हिस्सेदारी दर्ज की गई। अधिकारियों ने इसे देश के समुद्री व्यापार क्षेत्र में मुंबई पोर्ट की मजबूत स्थिति का संकेत बताया।

बैठक के दौरान भविष्य की परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई, जिनमें प्रस्तावित मरीना डेवलपमेंट परियोजना प्रमुख रही। चेयरपर्सन ने कहा कि आने वाले समय में कार्गो प्रदर्शन को और बेहतर बनाने, पर्यावरण अनुकूल कार्गो हैंडलिंग को बढ़ावा देने और भारत के समुद्री विकास को मजबूत करने के लिए सभी हितधारकों के साथ मिलकर काम करने की आवश्यकता है।

मुंबई पोर्ट अथॉरिटी ने कहा कि वह मुंबई क्षेत्र में समुद्री व्यापार, कार्गो परिवहन और आर्थिक गतिविधियों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में अपनी भूमिका आगे भी जारी रखेगी।

यह भी पढ़ें:

आयुष मंत्रालय ने बताया कैसे करें ‘चालन’ क्रियाओं का अभ्यास

पीठ-गर्दन के दर्द और अकड़न से मिलेगी राहत, दिनचर्या में शामिल करें ‘चक्रासन’!

स्पेस में आईवॉश भी चुनौती, जानें क्या है ‘सील आई इरिगेशन गॉगल्स’, कैसे करता है काम?

Exit mobile version