महाराष्ट्र के पालघर जिले के अंतर्गत आने वाले वसई कोर्ट परिसर से भ्रष्टाचार का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए वसई सह-दीवानी न्यायाधीश (वरिष्ठ स्तर) न्यायालय में तैनात विशेष सहायक सरकारी अभियोजक को ₹25,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी सरकारी वकील की पहचान 47 वर्षीय भूपेश अजीत पुरंदरे के रूप में हुई है। एसीबी के इस औचक छापे के बाद मचे हड़कंप और अत्यधिक मानसिक तनाव के कारण आरोपी वकील की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
जब्त संपत्ति पर अनुकूल रिपोर्ट देने के लिए मांगी थी रिश्वत
एसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, एक शिकायतकर्ता की कुछ संपत्ति पुलिस या अदालत द्वारा जब्त की गई थी। इस जब्त की गई संपत्ति को वापस पाने के लिए शिकायतकर्ता ने कोर्ट में एक आवेदन दायर किया था। इस आवेदन पर कोर्ट के समक्ष अपनी अनुकूल टिप्पणी पेश करने और संपत्ति की वापसी का रास्ता साफ करने के एवज में विशेष सहायक सरकारी वकील भूपेश पुरंदरे ने शिकायतकर्ता से ₹25,000 की घूस की मांग की थी।
शिकायतकर्ता रिश्वत की यह रकम नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने 20 मई को ठाणे एसीबी इकाई के पास जाकर इस भ्रष्टाचार की एक औपचारिक शिकायत दर्ज करा दी।
चैंबर के भीतर बिछाया गया जाल, रंगे हाथों दबोचा
शिकायत मिलते ही एसीबी की टीम ने मामले के सत्यापन के बाद तुरंत जाल बिछाया। गुरुवार, 21 मई को दोपहर करीब 12:30 बजे एसीबी की टीम ने वसई कोर्ट परिसर की भूतल पर स्थित सरकारी अभियोजक के आधिकारिक चैंबर में पूरी तैयारी के साथ दबिश दी। जैसे ही भूपेश पुरंदरे ने शिकायतकर्ता से ₹25,000 की रिश्वत की रकम अपने हाथ में ली, वैसे ही पहले से घात लगाकर बैठी एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया और रिश्वत के पैसे बरामद कर लिए।
कार्रवाई के बाद घबराहट और सीने में दर्द; आरोपी अस्पताल में भर्ती
अदालत परिसर के भीतर हुए इस हाई-ड्रामा छापे और रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद आरोपी वकील भूपेश पुरंदरे को भारी मानसिक आघात लगा। अचानक हुई इस कार्रवाई के तुरंत बाद उसने अत्यधिक घबराहट, बेचैनी और सीने में दर्द की शिकायत की। आरोपी की बिगड़ती सेहत को देखते हुए एसीबी की टीम ने बिना कोई जोखिम लिए उसे तुरंत पास के एक नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है।
ठाणे डिवीजन द्वारा की गई इस प्रारंभिक कार्रवाई के बाद, मामले को अब आगे की विस्तृत और गहन जांच के लिए आधिकारिक तौर पर पालघर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को सौंप दिया गया है।
इस मामले पर आधिकारिक जानकारी देते हुए पालघर एसीबी के पुलिस उप अधीक्षक (DySP) दादाराम करांडे ने बताया,“हम इस बात की गहराई से जांच कर रहे हैं कि क्या अधिवक्ता भूपेश पुरंदरे ने अतीत में भी किसी अन्य व्यक्ति से पैसे की मांग की थी या इस विशिष्ट मामले से जुड़े किसी अन्य पहलू में भी उनकी संलिप्तता है। पुलिस निरीक्षक राकेश डांगे वर्तमान में इस पूरे मामले की तफ्तीश कर रहे हैं। चूंकि आरोपी अभियोजक का स्वास्थ्य अचानक खराब हो गया था, इसलिए वह वर्तमान में अस्पताल में भर्ती है। जैसे ही वह पूरी तरह से ठीक हो जाता है और डॉक्टरों द्वारा उसे चिकित्सकीय रूप से फिट घोषित कर दिया जाता है, उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही और आगे की हिरासत की कार्रवाई तुरंत शुरू कर दी जाएगी।”
इस कार्रवाई से वसई कोर्ट के वकीलों और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा हुआ है। एसीबी अब आरोपी वकील के पिछले कुछ महीनों के मामलों और फैसलों के रिकॉर्ड को भी खंगालने की तैयारी कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने पहले भी ऐसे कितने अनुकूल रिमार्क देने के लिए लोगों को निशाना बनाया था।
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