महाराष्ट्र के परतवाड़ा में लगभग 200 नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और उनके अश्लील वीडियो प्रसारित करने के मामले ने अब एक नया और गंभीर मोड़ ले लिया है। इस घिनौने कृत्य के मुख्य आरोपी अयान अहमद की विलासितापूर्ण जीवनशैली और बेहिसाब संपत्ति अब जांच के दायरे में है। सोशल मीडिया पर अयान अहमद के वायरल होने वाले वीडियो में आरोपी को महंगी गाड़ियों, भारी मात्रा में नकदी और हथियारों के साथ देखा जा सकता है।
सोशल मीडिया पर वायरल रील और वीडियो में अयान अहमद को एक हाई-प्रोफाइल अपराधी की तरह पेश करते देखा गया है। वह महिंद्रा थार (रजिस्ट्रेशन नंबर: MH-27-DL-3100) जैसी महंगी गाड़ियां चलाते हुए और आईफोन जैसे महंगे गैजेट्स के साथ नजर आ रहा है। कुछ वीडियो में वह नोटों की गड्डियां लहराते हुए और हाथ में बंदूक लिए दिखाई दे रहा है।
जांच अधिकारी अब इस बात की तहकीकात कर रहे हैं कि मात्र 19 साल की उम्र में अयान के पास इतनी संपत्ति और लग्जरी वस्तुएं कहां से आईं। पुलिस को संदेह है कि इस धन का स्रोत किसी बड़े आपराधिक सिंडिकेट या अवैध गतिविधियों से जुड़ा हो सकता है।
जांच के दौरान अमरावती के कटोरा नाका इलाके में एक आवासीय इमारत की तीसरी मंजिल पर स्थित एक फ्लैट की पहचान महत्वपूर्ण स्थान के रूप में हुई है। आरोप है कि इसी फ्लैट का इस्तेमाल अश्लील वीडियो बनाने और उन्हें प्रसारित करने के लिए किया जाता था।
स्थानीय निवासियों ने इस फ्लैट को अयाशी का अड्डा करार दिया है। पड़ोसियों के अनुसार, यहां महीनों से संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं, जहां देर रात युवक-युवतियां अपनी पहचान छुपाकर आते-जाते थे।
पुलिस आरोपी द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली महिंद्रा थार के स्वामित्व की पुष्टि कर रही है। साथ ही, वीडियो में दिख रहे हथियार की भी बारीकी से जांच की जा रही है कि वह लाइसेंस प्राप्त है या अवैध। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी ने सोशल मीडिया पर अपनी एक खतरनाक छवि बनाने की कोशिश की थी, जिससे उसके सामाजिक संपर्कों और अन्य आपराधिक कड़ियों का पता लगाया जा सके।
अमरावती (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक विशाल आनंद के अनुसार, इस मामले की शुरुआत 11 अप्रैल को नाबालिग लड़कियों के अश्लील वीडियो ऑनलाइन सामने आने के बाद हुई थी। मुख्य आरोपी अयान को 13 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने आरोपी के पास से भारी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं जिनमें लैपटॉप और टैबलेट, हार्ड डिस्क, कई महंगे मोबाइल फोन शामिल हैं।
इन सभी उपकरणों को फॉरेंसिक लैब भेजा गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितने वीडियो बनाए गए और वे कहां-कहां साझा किए गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। वर्तमान में यह मामला भारतीय न्याय संहिता, पॉक्सो (POCSO) एक्ट और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज है। हालांकि अब तक कुछ ही पीड़िताओं की पहचान हो पाई है, लेकिन स्थानीय दावों के अनुसार पीड़ित लड़कियों की संख्या कहीं अधिक हो सकती है। जांच का दायरा अब अयान के वित्तीय संपर्कों और उन सहयोगियों तक बढ़ गया है जो इस व्यापक रैकेट का हिस्सा हो सकते हैं।
यह भी पढ़ें:
अमेरिकी सैन्य जहाजों पर ईरान के ड्रोन हमलें
ईरान ने पाकिस्तान में प्रस्तावित वार्ता से किया किनारा; होर्मुज़ क्षेत्र में तनाव बरकरार
अमेरिका में ईरान-सूडान के बीच ड्रोन और हथियार सौदे करवाने वाली महिला गिरफ्तार



