दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला परिसर के पास हुए घातक विस्फोट की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पहली बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने कश्मीर के पांपोर निवासी आमिर रशीद अली को गिरफ्तार किया है, जो उस ह्युंडई i20 कार का पंजीकृत मालिक है,आतंकियों ने इसी वाहन का IED (VBIED) के रूप में इस्तेमाल किया था। यह वही कार है जिसमें कथित ‘सुसाइड बॉम्बर’ डॉ. उमर उन नबी सवार था और जिसके फटने से कम से कम 10 लोगों की मौत और 32 घायलों की पुष्टि हुई थी।
NIA के प्रवक्ता ने बताया, “गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान आमिर रशीद अली के रूप में हुई है, जिसके नाम पर वह Hyundai i20 रजिस्टर्ड है जो हमले में इस्तेमाल हुई। उसे पांपोर स्थित घर से J&K पुलिस ने हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए दिल्ली लाया गया, जहां NIA ने उसे गिरफ्तार किया।”
एनआईए की शुरुआती जांच में सामने आया है कि अली ने Pulwama जिले के रहने वाले डॉ. उमर उन नबी के साथ मिलकर इस आतंकी हमले की साजिश रची। अधिकारी के अनुसार, “आमिर दिल्ली आया था ताकि कार की खरीद में सहायता कर सके, जिसे बाद में विस्फोटक सामग्री से भरे IED वाहन में बदला गया।” एजेंसी ने फोरेंसिक जांच के आधार पर पुष्टि की है कि विस्फोट में मारा गया कार चालक डॉ. उमर नबी, फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी में जनरल मेडिसिन विभाग का असिस्टेंट प्रोफेसर था।
NIA ने बताया कि अब तक 73 गवाहों से पूछताछ की जा चुकी है, जिसमें 10 नवंबर के विस्फोट में घायल लोग भी शामिल हैं। कार को जांच के लिए सील किया गया है। विस्फोट स्थल से 9mm की तीन राउंड गोलियां भी बरामद हुई हैं।
एजेंसी कई दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश की पुलिस और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर व्यापक जांच कर रही है। प्रवक्ता ने कहा, “हम बड़े आतंकी नेटवर्क और इसके पीछे की गहरी साजिश की परतें खोलने में जुटे हैं।”
जांचकर्ताओं ने इस हमले को एक उच्च शिक्षित व्हाइट-कॉलर आतंकवादी मॉड्यूल की करतूत बताया है, जिसका नेतृत्व डॉक्टरों का एक समूह कर रहा था। J&K पुलिस द्वारा हाल ही में गिरफ्तार किए गए चार कश्मीरी डॉक्टर अदिल अहमद राठेर, मुज़म्मिल शकील, मोहम्मद आरिफ के नाम पहले ही सामने आ चुके हैं।
लखनऊ की डॉ. शाहीन सईद की गिरफ्तारी भी इसी नेटवर्क से जुड़ी है। जांचकर्ताओं के अनुसार, उन्हें मसूद अज़हर की बहन सादिया अज़हर ने भारत में जैश-ए-मोहम्मद की महिला इकाई जमात-उल-मोमिनात स्थापित करने और नई भर्ती करने का काम सौंपा था। एजेंसियाँ यह भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या IED में अमोनियम नाइट्रेट और अत्यंत शक्तिशाली विस्फोटक TATP (Triacetone Triperoxide) जिसे “Mother of Satan” कहा जाता है का इस्तेमाल किया गया था। उमर की एक और गाड़ी भी NIA ने जब्त की है।
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