ऑस्ट्रेलिया सरकार ने देश की महत्वपूर्ण रेयर अर्थ खनन कंपनी नॉदर्न मिनरल्स लिमिटेड में हिस्सेदारी रखने वाले चीन और हांगकांग से जुड़े निवेशकों को अपने शेयर बेचने का आदेश दिया है। कैनबरा का यह कदम ऐसे समय आया है जब पश्चिमी देश चीन के दुर्लभ खनिज़ सेक्टर पर बढ़ते नियंत्रण को चुनौती देने की कोशिश कर रहे हैं।
ऑस्ट्रेलियाई ट्रेजरी विभाग द्वारा जारी बयान के अनुसार, छह निवेशकों को 18 मई से शुरू होने वाले दो सप्ताह के भीतर अपनी हिस्सेदारी बेचनी होगी। सरकार का कहना है कि इनमें से पांच निवेशक चीन या हांगकांग में पंजीकृत हैं, जबकि एक ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में स्थित है।
जिन कंपनियों और व्यक्तियों को आदेश दिया गया है उनमें हांगकांग यिंग तक लिमिटेड, रियल इंटरनेशनल रिसोर्सेज लिमिटेड, कोगीर ट्रेडिंग एंड सर्विस कंपनी लिमिटेड, चुआनयू कांग, वास्टनेस इन्वेस्टमेंट ग्रुप लिमिटेड और झोंगक्सियोंग लिन शामिल हैं। इनमें बीजिंग स्थित वास्टनेस इन्वेस्टमेंट ग्रुप पहले कंपनी के चेयरमैन को हटाने की कोशिश भी कर चुका था, हालांकि उसने बाद में अपना प्रस्ताव वापस ले लिया।
ऑस्ट्रेलियाई कोषाध्यक्ष जिम चाल्मर्स ने कहा कि यह कार्रवाई इस आशंका के बाद की गई है कि चीन से जुड़े पक्ष दुर्लभ तत्व खनन क्षेत्र पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार देश के रणनीतिक हितों और विदेशी निवेश नियमों की सुरक्षा के लिए कदम उठा रही है। चाल्मर्स ने कहा,“हम एक मज़बूत और बिना भेदभाव वाला विदेशी निवेश फ्रेमवर्क चलाते हैं और इस मामले में अपने देश के हित की रक्षा के लिए ज़रूरत पड़ने पर आगे भी कार्रवाई करेंगे।”
नॉर्दर्न मिनरल्स वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया में ब्राउन्स रेंज हेवी रेयर अर्थ्स प्रोजेक्ट विकसित कर रही है। इस परियोजना का उद्देश्य टर्बियम और डिस्प्रोसियम जैसे महत्वपूर्ण तत्वों का उत्पादन करना है, जिनका उपयोग क्लीन एनर्जी, रक्षा उपकरण, सेमीकंडक्टर और कंप्यूटर तकनीक में इस्तेमाल होने वाले शक्तिशाली मैग्नेट बनाने में किया जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दुर्लभ खनिज आज वैश्विक रणनीतिक प्रतिस्पर्धा का केंद्र बन चुके हैं क्योंकि आधुनिक सैन्य तकनीक, इलेक्ट्रिक वाहन, चिप निर्माण और हरित ऊर्जा उद्योग इन खनिजों पर अत्यधिक निर्भर हैं। चीन वर्तमान में दुर्लभ खनिज के उत्पादन और प्रोसेसिंग पर लगभग एकाधिकार बनाए हुए है और पहले भी व्यापारिक विवादों में निर्यात प्रतिबंधों का इस्तेमाल कर चुका है।
नॉर्दर्न मिनिरल्स ने कहा कि वह सरकारी आदेश से अवगत है और आगे की रणनीति पर विचार कर रही है। कंपनी के शेयरों में सोमवार (18 मई)को गिरावट दर्ज की गई और स्टॉक को सिडनी ट्रेडिंग के दौरान अस्थायी रूप से रोक दिया गया। कंपनी के शेयर पिछले अक्टूबर की इक्विटी प्लेसमेंट कीमत से आधे से भी कम स्तर पर कारोबार कर रहे हैं।
यह पहली बार नहीं है जब ऑस्ट्रेलिया सरकार ने नॉर्दर्न मिनिरल्स के शेयरधारकों को लेकर हस्तक्षेप किया हो। 2024 में भी सरकार ने पांच चीनी संस्थाओं को राष्ट्रीय हितों का हवाला देते हुए अपनी हिस्सेदारी छोड़ने का निर्देश दिया था। बाद में अधिकारियों ने पाया कि कुछ शेयर एक जुड़े हुए हांगकांग आधारित निवेशक यिंग तक को ट्रांसफर किए गए थे।
इसके बाद अप्रैल में कोषाध्यक्ष जिम चाल्मर्स ने एक अंतरिम आदेश जारी कर यिंग तक को अपने शेयर बेचने या कंपनी की वार्षिक बैठक में वोट डालने से रोक दिया था।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, आदेश का सामना कर रहे छह निवेशकों के पास कंपनी की कुल हिस्सेदारी का 27 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है। इनमें वास्टनेस इन्वेस्टमेंट अकेले लगभग 7 प्रतिशत शेयरों के साथ सबसे बड़ा निवेशक माना जाता है।
नॉर्दर्न मिनिरल्स को अमेरिका के एक्सपोर्ट इंपोर्ट बैंक से लगभग 500 मिलियन डॉलर की फंडिंग मिलने की दिशा में भी प्रगति हो रही है। अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया दोनों इस कंपनी को चीन के दुर्लभ खनिज सप्लाई चेन पर दबदबे को चुनौती देने की रणनीति का अहम हिस्सा मान रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला केवल निवेश या कॉर्पोरेट नियंत्रण का नहीं बल्कि भविष्य की वैश्विक तकनीकी और सैन्य प्रतिस्पर्धा का भी हिस्सा बन चुका है।
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