भारत में पहली बार ‘जिहादी ड्रग’ कैप्टागन की बड़ी खेप जब्त

गृह मंत्री अमित शाह बोले- “भारत में आने या यहां से गुजरने वाले हर ग्राम ड्रग्स का पता लगाकर कार्रवाई होगी”

भारत में पहली बार ‘जिहादी ड्रग’ कैप्टागन की बड़ी खेप जब्त

For the first time, a huge consignment of 'jihadi drug' Captagon was seized in India.

देश में ड्रग्स के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) को बड़ी सफलता मिली है। एजेंसी ने पहली बार भारी मात्रा में कैप्टागन नामक सिंथेटिक नशीले पदार्थ की खेप जब्त की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 182 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई के दौरान एक विदेशी नागरिक को भी गिरफ्तार किया गया है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार (16 मई) को इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए कहा कि ‘ऑपरेशन रेजपिल’ के तहत यह बड़ी सफलता हासिल हुई है। उन्होंने कहा कि मध्य-पूर्व भेजे जा रहे इस ड्रग्स नेटवर्क का भंडाफोड़ और विदेशी आरोपी की गिरफ्तारी भारत की जीरो टॉलरेंस नीति का उदाहरण है।

गृह मंत्री ने NCB अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा, “हर वह ग्राम ड्रग्स जो भारत में आएगा या भारत की धरती का इस्तेमाल ट्रांजिट रूट के रूप में करेगा, उसका पता लगाकर कार्रवाई की जाएगी।”

कैप्टागन दरअसल फेनेथाइलाइन नामक सिंथेटिक उत्तेजक दवा (स्टिमुलेंट) का ब्रांड नाम है। इसे 1960 के दशक में विकसित किया गया था। शुरुआत में इसका उपयोग ADHD, नार्कोलेप्सी और अत्यधिक थकान जैसी समस्याओं के इलाज में किया जाता था। हालांकि, इसके अत्यधिक दुरुपयोग और लत की संभावना को देखते हुए 1980 के दशक में इसे दुनियाभर में प्रतिबंधित कर दिया गया।

अवैध रूप से तैयार किए जाने वाले कैप्टागन में आमतौर पर एम्फेटामिन, कैफीन और अन्य रसायनों का मिश्रण होता है। इसे लेने के बाद व्यक्ति को अत्यधिक सतर्कता, ऊर्जा, उत्साह और कई दिनों तक बिना सोए जागे रहने की क्षमता महसूस होती है। यही वजह है कि संघर्ष प्रभावित इलाकों में इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ा।

कैप्टागन को जिहादी ड्रग का नाम मध्य-पूर्व के संघर्ष क्षेत्रों में मिला। अंतरराष्ट्रीय मीडिया और सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्टों में दावा किया गया है कि सीरिया और आसपास के इलाकों में सक्रिय आतंकी संगठनों, जिनमें ISIS भी शामिल है, ने इसका इस्तेमाल रासायनिक साहस यानी लड़ाकों का मनोबल बढ़ाने वाले पदार्थ के रूप में किया। कई रिपोर्टों में इसे ‘फार्मा आतंकवाद’ से भी जोड़ा गया है, जहां ड्रग्स की अवैध तस्करी से आतंकी और सशस्त्र संगठनों को आर्थिक मदद मिलने की बात कही गई है।

NCB के अनुसार, छापेमारी के दौरान करीब 227.7 किलोग्राम कैप्टागन बरामद किया गया। एजेंसी ने एक सीरियाई नागरिक को गिरफ्तार किया है, जो भारत में अवैध रूप से रह रहा था और इस ड्रग्स खेप को पश्चिम एशियाई देशों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहा था।

जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय लिंक, फंडिंग चैनल और भारत में संभावित संपर्कों की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह कार्रवाई भारत को अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स ट्रांजिट रूट के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिशों पर बड़ा प्रहार है।

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