IIT बॉम्बे में घुसपैठ करने वाले बिलाल पर गहराया शक, जांच में अब IB और ATS भी शामिल!

IIT परिसर के कई वीडियो अपने फोन से रिकॉर्ड किए, और उन्हें VPN का इस्तेमाल कर सोशल मीडिया पर अपलोड किए

IIT बॉम्बे में घुसपैठ करने वाले बिलाल पर गहराया शक, जांच में अब IB और ATS भी शामिल!

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आईआईटी बॉम्बे के पवई परिसर में घुसपैठ के मामले की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक, बिलाल अहमद फैयाज अहमद तेली (24) नामक युवक ने 21 फर्जी ईमेल आईडी बनाई थीं, जिनका उपयोग वह खुद को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बताने और परिसर में घुसने के लिए करता था। वह दिसंबर 2024 में बहरीन और इससे पहले दुबई की यात्रा भी कर चुका है। हैरानी की बात यह है कि वह आईआईटी बॉम्बे में एक एआई सेमिनार में आधिकारिक रूप से शामिल भी हुआ था।

बिलाल केवल कक्षा 10 तक पढ़ा है, लेकिन वेब डिजाइनिंग में प्रशिक्षित है। वह आईआईटी की प्रतिष्ठा से बेहद प्रभावित था और उसके प्रति आकर्षण उसे परिसर तक खींच लाया। शैक्षणिक योग्यता न होने के बावजूद, वह संस्थान में न केवल घुसने में कामयाब रहा बल्कि 14 दिन तक वहां रुका भी रहा। इससे परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

बिलाल ने पूछताछ में बताया कि उसने हर दिन सोने की जगह बदली — कभी लॉबी, तो कभी सोफे या खाली कमरों में जाकर सोता था। वह 8 से 10 बार परिसर में प्रवेश और निकास कर चुका था, लेकिन किसी सुरक्षा गार्ड को संदेह नहीं हुआ। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य अहम सबूत जब्त किए हैं।

जांच में सामने आया है कि बिलाल ने IIT परिसर के कई वीडियो अपने फोन से रिकॉर्ड किए, और उन्हें VPN का इस्तेमाल कर सोशल मीडिया पर अपलोड किए। फिलहाल पुलिस उसकी सोशल मीडिया गतिविधियों और उसके बनाए 21 ईमेल अकाउंट्स की गहन जांच कर रही है।

क्राइम ब्रांच ने बताया कि बिलाल का मकसद अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन इतने ईमेल आईडी और बार-बार की यात्राएं, साथ ही बहरीन और दुबई का विदेश यात्रा इतिहास, संदेह को और भी गहरा कर रहे हैं। जून 7 से 10 के बीच वह सूरत गया था, जहां उसने कथित तौर पर अपने रिश्तेदारों से मुलाकात की—यह जानकारी अब सत्यापित की जा रही है। इन परिस्थितियों को देखते हुए खुफिया एजेंसी IB और राज्य की एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है।

बिलाल मूल रूप से सूरत का रहने वाला है, लेकिन उसका परिवार करीब 30 साल पहले मंगलुरु चला गया था। उसके पिता रेडीमेड कपड़ों का व्यवसाय करते हैं, जो कोविड महामारी के दौरान प्रभावित हुआ था। बिलाल पहले नौकरी कर चुका है, और उसकी वेतन ₹1–1.5 लाख प्रति माह बताई गई है।

आईआईटी जैसे उच्च सुरक्षा वाले परिसर में इस तरह की घुसपैठ और उसमें सरकारी सेमिनार में भागीदारी जैसी घटनाएं देश की शैक्षणिक संस्थाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। पुलिस ने अब बिलाल की डिजिटल गतिविधियों, विदेश संपर्कों और अन्य संभावित लिंक की जांच शुरू कर दी है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि बिलाल का उद्देश्य महज IIT में घुसने का जूनून था या कोई गहरी साजिश इसके पीछे छिपी है। लेकिन एक बात स्पष्ट है — सुरक्षा चूक गंभीर रही है, और जांच एजेंसियों की नजर अब हर छोटे सुराग पर टिकी है।

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