27 C
Mumbai
Tuesday, September 22, 2026
National Stock Exchange of India Limited
होमब्लॉगNEET Paper Leak: केंद्र का सख्त कानून, दस साल की सजा और...

NEET Paper Leak: केंद्र का सख्त कानून, दस साल की सजा और 1 करोड़ जुर्माने का प्रावधान!

अधिनियम का उद्देश्य संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी), रेलवे, बैंकिंग भर्ती परीक्षाओं और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित प्रथाओं को रोकना है।

Google News Follow

Related

- Advertisement -National Stock Exchange

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) पेपर लीक को लेकर देशभर में मचे बवाल के बाद केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सख्त कानून लागू कर दिया। इस प्रकार प्रतियोगी परीक्षाओं में लापरवाही और अनियमितताओं को रोका जा सकता है। यह अधिनियम, जो शुक्रवार (21 जून) रात को लागू हुआ, अपराधियों के लिए अधिकतम 10 साल की जेल की सजा और 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।  परीक्षा प्राधिकारी, सेवा प्रदाता या किसी अन्य निकाय सहित किसी व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह द्वारा संगठित अपराध के लिए कम से कम पांच साल और अधिकतम दस साल की कैद की सजा दी जाएगी और 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

अधिनियम का उद्देश्य संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी), रेलवे, बैंकिंग भर्ती परीक्षाओं और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित प्रथाओं को रोकना है।

संसद ने इस साल फरवरी में सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2024 पारित किया। अधिनियम में धोखाधड़ी को रोकने के लिए न्यूनतम तीन से पांच साल की जेल की सजा और धोखाधड़ी के संगठित अपराधों में शामिल लोगों के लिए पांच से दस साल की जेल और न्यूनतम सजा का प्रावधान है। 1 करोड़ रुपये के जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है|यह कानून शुक्रवार आधी रात को लागू कर दिया गया|

सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2024 वास्तव में क्या है?: यह अधिनियम 6 फरवरी को लोकसभा में और 9 फरवरी को राज्यसभा में पारित किया गया था। इसलिए यह कानून 21 जून की आधी रात से लागू कर दिया गया. प्रश्नपत्र या उत्तर पुस्तिकाएं लीक करना, परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को अवैध रूप से मदद करना, कंप्यूटर नेटवर्क या संसाधनों के साथ छेड़छाड़ करना, परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थियों को शामिल करना। यह अधिनियम फर्जी परीक्षा आयोजित करने या फर्जी दस्तावेज जारी करने और गुणवत्ता के लिए दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ करने के खिलाफ सजा और जुर्माने का प्रावधान करता है।

अधिनियम के तहत अपराध गैर-जमानती हैं। पुलिस उपाधीक्षक या सहायक पुलिस आयुक्त के पद से नीचे का कोई भी अधिकारी इस अधिनियम के तहत किसी भी अपराध की जांच कर सकता है। इसके अलावा, केंद्र सरकार को किसी भी जांच को केंद्रीय एजेंसी को सौंपने का अधिकार है।

NEET परीक्षा रद्द: 5 मई को आयोजित यूजीसी नेट परीक्षा 18 जून को देर रात रद्द कर दी गई|यह परीक्षा एक बार फिर से आयोजित की जाएगी|केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने एक सर्कुलर जारी कर इस संबंध में फैसले की घोषणा की|शिक्षा मंत्रालय ने कहा कि पेपर लीक के संदेह के कारण और परीक्षा की पारदर्शिता और पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए परीक्षा रद्द कर दी गई है|

शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक यूजीसी नेट परीक्षा रद्द कर दी गई है|साथ ही यह परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी|नई आयोजित परीक्षा कब आयोजित की जाएगी, इस पर शीघ्र निर्णय की घोषणा की जाएगी। इसके साथ ही इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है और शिक्षा मंत्रालय ने यह भी घोषणा की है कि पेपर लीक मामले की गहन जांच की जाएगी|शिक्षा मंत्रालय ने यह भी आश्वासन दिया है कि इस मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें-

Delhi Water Crisis: दिल्ली में जल संकट पर सियासी घमासान जारी, जनता त्राहि-त्राहि!

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

150,315फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
334,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें