एक साथ 108 हवन कुंडों में प्रज्ज्वलित अग्नि, सामूहिक वैदिक मंत्रोच्चार और बड़ी संख्या में महिलाओं की सहभागिता आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही। प्रत्येक हवन कुंड पर लगभग 10 से 11 महिलाओं ने एक साथ बैठकर यज्ञ में आहुति दी। महिलाओं ने राष्ट्र के उत्थान और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए सामूहिक संकल्प भी लिया। कार्यक्रम में राष्ट्र सेविका समिति की मुख्य कार्यवाहिका सीता अन्नदानम गायित्री मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं।
उन्होंने ‘नारी शक्ति: संस्कार, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण का आधार’ विषय पर अपने विचार रखते हुए महिलाओं को राष्ट्र निर्माण के कार्यों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। वहीं, अरुणा सिंह ने विशिष्ट अतिथि के रूप में सहभागिता की।
इसके बाद दिन में विश्वविद्यालय के मुख्य ऑडिटोरियम में लगाई गई भव्य प्रेरणा विमर्श प्रदर्शनी का उद्घाटन सीता अन्नदानम गायित्री ने किया। प्रेरणा विमर्श की सचिव मोनिका चौहान ने बताया कि प्रेरणा शोध संस्थान न्यास की ओर से प्रत्येक वर्ष प्रेरणा विमर्श के शुभारंभ अवसर पर नारी शक्ति राष्ट्र वंदन यज्ञ का आयोजन किया जाता है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय से शुरू हुई यह यज्ञ परंपरा लगातार विस्तार हासिल कर रही है। इस वर्ष 108 कुंडों पर करीब 1200 महिलाओं की सहभागिता ने आयोजन को पहले की अपेक्षा अधिक व्यापक और भव्य स्वरूप प्रदान किया है।
मोनिका चौहान ने कहा कि भारतीय संस्कृति में यज्ञ को केवल धार्मिक अनुष्ठान के रूप में नहीं देखा जाता, बल्कि यह सामूहिक संकल्प और राष्ट्र के प्रति समर्पण की परंपरा से भी जुड़ा है।
आयोजकों के अनुसार, नारी शक्ति राष्ट्र वंदन यज्ञ को इसी व्यापक विमर्श की भावभूमि के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें महिलाओं की सामाजिक भूमिका और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी को प्रमुखता दी गई।



