यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने जेवर एयरपोर्ट के आसपास हो रहे अवैध निर्माणों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए किशोरपुर और रामनेर गांवों में बुलडोजर चलाया। प्रशासन को कई दिनों से शिकायत मिल रही थी कि कुछ भूमाफिया किसानों की जमीन पर कब्जा कर अवैध प्लॉटिंग कर रहे हैं और अधिग्रहण की प्रक्रिया में हेरफेर कर रहे हैं।
इस कार्रवाई का नेतृत्व यमुना अथॉरिटी के सीईओ ने किया, जिनके निर्देश पर ओएसडी लैंड, एसडीएम और भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि इन अवैध निर्माणों को गिराने की कार्रवाई सुबह से शुरू की गई, जिसमें कई अस्थायी और पक्के निर्माण ध्वस्त किए गए।
सूत्रों के अनुसार, एयरपोर्ट परियोजना से जुड़ी अधिग्रहित जमीन पर अवैध रूप से प्लॉटिंग की जा रही थी। कुछ लोग किसानों को बहला-फुसलाकर कम कीमत पर उनकी जमीन खरीद रहे थे, जबकि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा जमीन पर अनधिकृत निर्माण कराए जा रहे थे। प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए इन अवैध ढांचों को ध्वस्त कर दिया और इलाके में भविष्य में निगरानी बढ़ाने की घोषणा की।
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यमुना अथॉरिटी के सीईओ ने स्पष्ट किया कि एयरपोर्ट क्षेत्र में किसी भी तरह का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “अगर भविष्य में कोई व्यक्ति या गिरोह इस तरह की गतिविधियों में लिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
इस सख्त कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और भूमाफिया भूमिगत हो गए हैं। प्रशासन अब लगातार इस इलाके की निगरानी करेगा ताकि इस तरह की अवैध गतिविधियों को पूरी तरह रोका जा सके।