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Tuesday, June 16, 2026
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पेल्विक मसल्स हैं कमजोर? इन योगासनों से बनाएं मांसपेशियों को मजबूत! 

पेल्विक मसल्स हमारे शरीर के निचले हिस्से में होती हैं, जो अंदरूनी अंगों जैसे यूट्रस, वजाइना, ब्लैडर और बाउल को सहारा देती हैं।

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आजकल ज्यादाकर महिलाएं पेल्विक मसल्स की कमजोरी की समस्या से जूझ रही हैं। मांसपेशियां कमजोर होने की कई वजहें हो सकती हैं, जैसे मोटापा, पेल्विक सर्जरी, कब्ज, खांसी, और बढ़ती उम्र। खासकर गर्भावस्था और डिलीवरी के दौरान महिलाओं के पेल्विक मसल्स पर ज्यादा दबाव पड़ता है, जिससे कई तरह की दिक्कतें शुरू होने लगती हैं।

पेल्विक मसल्स हमारे शरीर के निचले हिस्से में होती हैं, जो अंदरूनी अंगों जैसे यूट्रस, वजाइना, ब्लैडर और बाउल को सहारा देती हैं। इन्हें मजबूत रखना बहुत जरूरी है ताकि ये अंग सही तरीके से काम कर सकें। योगाभ्यास की मदद से इन्हें मजबूत किया जा सकता है।

सेतुबंधासन: सेतुबंधासन को ब्रिज पोज भी कहा जाता है। इसे करने से पेल्विक मसल्स मजबूत होती हैं और शरीर के निचले हिस्से में खिंचाव आता है। इस आसन में सबसे पहले जमीन पर पीठ के बल लेटना होता है। फिर घुटनों को मोड़कर पैरों को जमीन पर टिकाएं। हाथों की मदद से पैरों की एड़ियों को पकड़ें।

अब धीरे-धीरे कमर और कूल्हे को ऊपर उठाएं, जैसे कि शरीर पुल की तरह बना हो। इस स्थिति में 1-2 मिनट रहें और फिर धीरे-धीरे नीचे आएं। इसे 4-5 बार दोहराने से पेल्विक मसल्स मजबूत होती हैं और कमर दर्द भी कम होता है।

मलासन: मलासन एक आसान योगासन है जो पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को टोन करता है। इसे करने के लिए दोनों पैरों को मोड़कर नीचे की ओर बैठ जाएं। घुटनों के ऊपर हाथ रखकर हथेलियां जोड़ लें। पीठ सीधी रखें और इस मुद्रा में 2 मिनट तक आराम से बैठें। इस आसन को बार-बार करने से कब्ज की समस्या भी दूर होती है और पेल्विक मसल्स मजबूत बनती हैं।

हनुमानासन: हनुमानासन को फ्रंट स्प्लिट्स भी कहा जाता है। यह आसन शरीर की लचक बढ़ाने में मदद करता है और खासकर पेल्विक मसल्स को ताकत देता है। इस आसन में पहले घुटनों के बल बैठें। फिर एक पैर को धीरे-धीरे आगे और दूसरे को पीछे की ओर फैलाएं।

कोशिश करें कि कूल्हे जमीन से लग जाएं। दोनों हाथ ऊपर उठाकर नमस्कार की मुद्रा बनाएं और 2 मिनट तक रहें। इसका अभ्यास करने से पेल्विक मसल्स मजबूत होती हैं और शरीर लचीला बनता है।

बता दें कि पेल्विक मसल्स मूत्र और मल पर कंट्रोल रखने में भी मदद करती हैं। कमजोर पेल्विक मसल्स से ‘प्रोलैप्स’ जैसी समस्या हो सकती है। इसलिए पेल्विक मसल्स को मजबूत रखना जरूरी है ताकि आप स्वस्थ रहें।

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