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Friday, June 26, 2026
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अमेरिका में बढ़ेगी ​भारतीय​ फोन की मांग, चीन को बड़ा झटका​-आईसीईए​

आईसीईए ​यानी इंडियन सेल्युलर एंड इलोक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन ने कहा है कि चीन के मुकाबले भारत से एक्सपोर्ट होने वाले फोन, टैबलेट आदि अमेरिका को 20% तक सस्ते पड़ेंगे। 

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भारत में बने आईफोन की डिमांड अमेरिका में बढ़ सकती है। अमेरिका और चीन के बीच चल रहे टैरिफ वॉर का फायदा भारत को मिल सकता है।​मेड इन इंडिया आईफोन की डिमांड तेजी से बढ़ने वाली है। चीन और अमेरिका के बीच चल रहे मौजूदा टैरिफ वॉर का फायदा भारत को मिल सकता है। भारत में बने आईफोन, स्मार्टफोन, टैबलेट, लैपटॉप अमेरिका में चीन के मुकाबले सस्ते में एक्सपोर्ट किए जाएंगे।

आईसीईए यानी इंडियन सेल्युलर एंड इलोक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन ने कहा है कि चीन के मुकाबले भारत से एक्सपोर्ट होने वाले फोन, टैबलेट आदि अमेरिका को 20% तक सस्ते पड़ेंगे। पिछले सप्ताह शनिवार को अमेरिकी सरकार ने अपने टैरिफ ऑर्डर में संशोधन करते हुए स्मार्टफोन, टैबलेट, लैपटॉप समेत कई इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस को नए टैक्स से बाहर रखा है।

ICEA चेयरमैन पंकज महेंद्रू ने  कहा, “चीन अभी भी आईफोन, लैपटॉप, टैबलेट और स्मार्टवॉच पर 20% टैक्स लगा रहा है केवल रेसिप्रोकल टैरिफ को इन डिवाइसेज से हटाया गया है। दूसरी तरफ वियतनाम की तरह ही भारत से अमेरिका एक्सपोर्ट होने वाले आईफोन और सभी स्मार्टफोन, लैपटॉप और टैबलेट पर जीरो टैरिफ लगता है। ऐसे में इन डिवाइस को भारत से अमेरिका एक्सपोर्ट करने में 20 प्रतिशत टैरिफ का फायदा है।”

इस समय Made in India iPhone इकोसिस्टम की वजह से भारत में बड़ी संख्यां में नए जॉब्स क्रिएट हुए हैं। भारत तेजी से iPhone एक्सपोर्ट करने वाले टॉप देशों की सूची में शामिल हो गया है। ICEA के मुताबिक, 2024-2025 में भारत से एक्सपोर्ट होने वाले मोबाइल फोन ने 2 लाख करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है, जो ऑल टाइम हाई है।

वित्त वर्ष 2023-24 के 1.29 लाख करोड़ के मुकाबले इसमें 55 प्रतिशत का रिकॉर्ड ग्रोथ देखा गया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी पिछले दिनों कहा था कि स्मार्टफोन सेगमेंट में केवल iPhone के एक्सपोर्ट ने 1.5 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा छू लिया है।
पिछले दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रेसिप्रोकल टैरिफ लगाए जाने की घोषणा के बाद भारत और चीन में मौजूद एप्पल के प्रोडक्शन प्लांट्स को लेकर कई सवाल खड़े हो गए थे। हालांकि, शनिवार को ट्रंप प्रशासन द्वारा टैरिफ में किए संशोधन से इस सेक्टर को राहत मिली है।
स्मार्टफोन, लैपटॉप समेत कई इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम को रेसीप्रोकल टैरिफ के दायरे से बाहर रखा गया है। ट्रंप सरकार का यह फैसला उन कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स की कीमत कम रखने के लिए लिया गया है, जिनका प्रोडक्शन अमेरिका में नहीं होता है।
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