‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाक सेना हाफिज सईद और मसूद अजहर के लिए लड़ी

पाकिस्तानी नेता शाहीर सियालवी का बयान

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाक सेना हाफिज सईद और मसूद अजहर के लिए लड़ी

During Operation Sindoor, the Pakistani army fought for Hafiz Saeed and Masood Azhar.

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया था। इस ऑपरेशन को एक वर्ष पूरा होने के मौके पर एक पाकिस्तानी नेता ने खुलकर स्वीकार किया है कि पाकिस्तानी सेना ने हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे आतंकवादियों के लिए लड़ाई लड़ी। आतंकवादियों की एक सभा में दिए गए इस बयान ने पाकिस्तान की नीतियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पाकिस्तानी नेता शाहीर सियालवी ने यह बयान दिया, जिसकी रिपोर्ट आज तक ने प्रकाशित की है। उन्होंने दावा किया कि पहली बार पाकिस्तानी सेना ने हाफिज सईद और मसूद अजहर के समर्थन में सीधे संघर्ष किया। सियालवी ने यह भी माना कि भारत ने 10 मई को मुरीदके (जहां लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय है) और बहावलपुर ( जैश-ए-मोहम्मद का केंद्र) में स्थित आतंकवादी ठिकानों पर हमले किए, जिनमें कई आतंकवादी मारे गए।

सियालवी के अनुसार, इन हमलों के बाद पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह करने के लिए अपनी रणनीति बदली। मारे गए आतंकवादियों के अंतिम संस्कार की नमाज किसी मौलवी या मुफ्ती ने नहीं, बल्कि पाकिस्तानी सेना के एक धार्मिक अधिकारी ने पढ़ाई। वर्दीधारी पाकिस्तानी सैनिकों ने इन शवों को उठाया, ताकि दुनिया को यह दिखाया जा सके कि ये आतंकवादी नहीं बल्कि स्वतंत्रता सेनानी थे।

यह बयान लश्कर-ए-तैयबा के एक कार्यक्रम में दिया गया, जिसमें अमेरिका द्वारा घोषित आतंकवादी मुज़म्मिल इक़बाल हाशमी  भी मौजूद था। इस बैठक ने पाकिस्तानी सेना और आतंकी संगठनों के बीच करीबी संबंधों की ओर इशारा किया है।

इस बयान से यह धारणा मजबूत होती है कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ होने का दावा तो करता है, लेकिन व्यवहार में कुछ आतंकी संगठनों और उनके नेताओं को समर्थन देता है। पाकिस्तान की यह नीति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी छवि को नुकसान पहुंचा सकती है। भारत लंबे समय से यह आरोप लगाता रहा है कि पाकिस्तान आतंकवाद को एक रणनीतिक उपकरण के रूप में इस्तेमाल करता है, और अब इस तरह के बयानों से यह मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है।

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