केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के सहयोग से वांछित गैंगस्टर साहिल चौहान को थाईलैंड से भारत वापस लाया गया है। एजेंसी ने शनिवार (11 अप्रैल) को इस कार्रवाई की जानकारी दी। साहिल चौहान कुख्यात भुप्पी राणा गैंग का सदस्य है, जो हरियाणा, दिल्ली और चंडीगढ़ में सक्रिय है। उस पर हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और डकैती जैसे गंभीर आरोप हैं। उसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) भी तलाश रही थी। फिलहाल हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया है।
CBI के अनुसार, जनवरी 2017 में चौहान ने हरियाणा के यमुनानगर स्थित जगाधरी कोर्ट परिसर में गैंग राइवलरी के चलते मोनू राणा पर फायरिंग की थी, जब उसे सुनवाई के लिए पेश किया गया था। इस मामले में चार्जशीट दाखिल होने के बाद उसे 10 साल की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, जमानत मिलने के बाद वह फरार हो गया और विदेश भाग गया।
एजेंसी ने बताया कि हरियाणा पुलिस के अनुरोध पर चौहान के खिलाफ इंटरपोल का रेड नोटिस जारी कराया गया था। इसके बाद उसे बैंकॉक में लोकेट कर डिपोर्ट किया गया। शुक्रवार को उसे दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लाया गया, जहां हरियाणा पुलिस की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
CBI के आंकड़ों के अनुसार, भारत की कुल 388 प्रत्यर्पण (एक्सट्राडिशन) अनुरोध विभिन्न देशों में लंबित हैं। वहीं अब तक जारी 957 इंटरपोल रेड नोटिस में से 231 CBI, 130 NIA, 21 प्रवर्तन निदेशालय (ED), 12 नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और बाकी विभिन्न राज्य पुलिस से जुड़े मामलों से संबंधित हैं।
CBI के ग्लोबल ऑपरेशंस सेंटर (GOC) ने विभिन्न एजेंसियों के साथ मिलकर 2023 में 29, 2024 में 30 और 2025 में 50 भगोड़ों को भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है। इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एजेंसियों को भगोड़ों के प्रत्यर्पण पर और अधिक ध्यान देने तथा इसके लिए राज्यों में विशेष इकाइयों और जेलों के निर्माण पर जोर दिया है।
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