भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने गुरुवार (10 अप्रैल) को व्हाइट हाउस में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ बैठक की। इस दौरान दोनों देशों ने बदलते वैश्विक परिदृश्य के बीच द्विपक्षीय संबंधों के प्रमुख पहलुओं की समीक्षा की और सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया। यह बैठक मिस्री की तीन दिवसीय अमेरिका यात्रा का हिस्सा थी, जिसमें उन्होंने वॉशिंगटन डीसी में शीर्ष अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात कर व्यापार, रक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स और इंडो-पैसिफिक रणनीति जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की।
अगले महीने भारत आएंगे रुबियो:
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर भी इस बैठक में मौजूद रहे। उन्होंने बातचीत को रचनात्मक बताते हुए कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री अगले महीने भारत यात्रा पर आने की योजना बना रहे हैं। सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “व्हाइट हाउस में आपका स्वागत है, विक्रम मिस्त्री, मार्को रुबीओ के साथ अच्छी मीटिंग हुई, जिसमें हमारे बाइलेटरल रिलेशनशिप, खासकर ट्रेड, ज़रूरी मिनरल्स, डिफेंस और क्वाड पर फोकस रहा। सेक्रेटरी रुबियो अगले महीने इंडिया आने का इंतज़ार कर रहे हैं।”
Welcome to the White House @VikramMisri! Productive meeting with @SecRubio that focused on our bilateral relationship, especially trade, critical minerals, defense and the Quad. Secretary Rubio looks forward to visiting India next month! pic.twitter.com/7QQrbCXBkg
— Ambassador Sergio Gor (@USAmbIndia) April 9, 2026
रक्षा और व्यापार सहयोग पर फोकस:
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने रक्षा और व्यापार संबंधों को और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की। साथ ही इंडो-पैसिफिक और पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। मिस्री ने अमेरिकी रक्षा विभाग में अंडर सेक्रेटरी एल्ब्रिज कोल्बी और माइकल डफी से भी मुलाकात की। इस दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा, रक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को लेकर विस्तृत बातचीत हुई।
कॉमर्स डिपार्टमेंट के साथ भी अहम बैठकें:
विदेश सचिव ने अमेरिकी वाणिज्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों जेफ्री केसलर और विलियम किम्मिट से भी चर्चा की, जिसमें आर्थिक सहयोग और निवेश के अवसरों पर जोर दिया गया।
भारतीय दूतावास ने कहा कि पेंटागन में हुई बैठकों में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र और पश्चिम एशिया के ताजा घटनाक्रमों पर विशेष ध्यान दिया गया।
क्वाड और क्रिटिकल मिनरल्स बने रणनीतिक केंद्र:
इस उच्चस्तरीय वार्ता में क्वाड समूह के तहत सहयोग और क्रिटिकल मिनरल्स की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, बदलते वैश्विक हालात में भारत और अमेरिका दोनों ही रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं, खासकर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में संतुलन बनाए रखने के लिए।
बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच बढ़ती साझेदारी:
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब दुनिया कई भू-राजनीतिक तनावों से गुजर रही है। ऐसे में भारत और अमेरिका के बीच बढ़ता सहयोग वैश्विक रणनीतिक संतुलन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री की इस यात्रा को दोनों देशों के बीच संबंधों को नई दिशा देने और सहयोग के नए क्षेत्रों को खोलने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
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