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चीन ने जैश-ए-मोहम्मद और मसूद अजहर को लेकर अपना रुख नहीं बदला

चीन ने मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने से किया इनकार

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प्रशांत कारुलकर

चीन ने एक बार फिर भारत की चिंताओं को खारिज करते हुए जैश-ए-मोहम्मद और उसके सरगना मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने से इनकार कर दिया है। इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चीन ने तकनीकी रुकावट लगाई है।

भारत ने बार-बार चीन से मांग की है कि वह मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित कराए, लेकिन चीन हर बार इस मांग को टालता रहा है। भारत का कहना है कि मसूद अजहर भारत पर कई आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड है, जिसमें 2001 में संसद पर हमला और 2019 में पुलवामा हमला शामिल है।

चीन का तर्क है कि मसूद अजहर पर पर्याप्त सबूत नहीं हैं और वह इस मामले में अपना रुख नहीं बदलेगा। हालांकि, भारत और कई अन्य देशों का मानना है कि चीन आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में बाधा उत्पन्न कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि चीन का रुख पाकिस्तान के साथ उसके रणनीतिक संबंधों से प्रेरित है। पाकिस्तान जैश-ए-मोहम्मद को एक आतंकवादी संगठन के रूप में मान्यता नहीं देता है और मसूद अजहर को एक “राजनीतिक नेता” के रूप में देखता है।

चीन का यह रुख अंतरराष्ट्रीय समुदाय में उसकी आलोचना का कारण बनता रहा है। भारत और अन्य देशों ने चीन से इस मुद्दे पर अपना रुख बदलने का आह्वान किया है। हालांकि, फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं है कि चीन अपनी राय बदलेगा। इस वजह से भारत और अन्य देशों को जैश-ए-मोहम्मद और मसूद अजहर को अलग-थलग करने के लिए अन्य तरीकों की तलाश करनी पड़ रही है।

चीन के लगातार मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने से इनकार करने के चलते भारत ने कई मोर्चों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

1. कूटनीतिक मोर्चा:

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चीन के रुख की निंदा: भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चीन की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है।

चीन से द्विपक्षीय संबंधों पर दबाव: भारत ने चीन के साथ द्विपक्षीय संबंधों को प्रभावित करने की चेतावनी दी है।

अन्य देशों से समर्थन जुटाना: भारत ने चीन को अलग-थलग करने के लिए अन्य देशों से भी समर्थन जुटाने का प्रयास किया है।

2. आर्थिक मोर्चा:

चीनी कंपनियों द्वारा भारत में निवेश पर सख्ती: भारत ने चीनी कंपनियों द्वारा भारत में निवेश पर सख्ती बढ़ा दी है।

चीनी सामान के आयात पर प्रतिबंध: भारत ने कुछ चीनी सामान के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है।

3. सुरक्षा मोर्चा:

जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ कार्रवाई: भारत ने जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।

पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा बढ़ाना: भारत ने पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी है।

जैश-ए-मोहम्मद के नेटवर्क को खत्म करने के प्रयास: भारत जैश-ए-मोहम्मद के नेटवर्क को खत्म करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है।

4. जनता का समर्थन:

चीन के खिलाफ जनता में गुस्सा: चीन के इस रुख के कारण भारत में चीन के खिलाफ जनता का गुस्सा काफी बढ़ गया है।

सरकार के कार्यों को समर्थन: भारत सरकार द्वारा चीन को लेकर उठाए गए कदमों को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है।

5. अंतरराष्ट्रीय समुदाय का दबाव:

अन्य देशों द्वारा चीन पर दबाव: भारत के अलावा कई अन्य देश भी चीन पर मसूद अजहर को आतंकवादी घोषित करने के लिए दबाव डाल रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय संगठनों का दबाव: कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी चीन से इस मुद्दे पर अपना रुख बदलने का आह्वान किया है।

हालांकि, चीन अभी भी अपने रुख पर अड़ा हुआ है। ऐसे में भारत को चीन को अलग-थलग करने और मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित कराने के लिए अन्य देशों के साथ मिलकर काम करना जारी रखना होगा।

 

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