30.8 C
Mumbai
Tuesday, June 16, 2026
होमदेश दुनियादूध-मलाई प्रेमी आशा भोसले को घर में मिले पहलवान पठान मोटी बिल्ली...

दूध-मलाई प्रेमी आशा भोसले को घर में मिले पहलवान पठान मोटी बिल्ली नाम

आशा भोसले और लता मंगेशकर के स्वभाव में जमीन-आसमान का अंतर था। जहां एक तरफ लता जी शांत और सुलझी हुई थीं, वहीं आशा चुलबुली और हमेशा खेल-कूदने वाली थी। 

Google News Follow

Related

सुरों की मल्लिका और भारतीय संगीत का गौरव आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। रविवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। सात दशकों से अधिक समय तक अपनी बहुमुखी आवाज से दुनिया को मंत्रमुग्ध करने वाली ‘आशाताई’ अब अनंत यात्रा पर निकल चुकी हैं। पद्म विभूषण और महाराष्ट्र भूषण से सम्मानित इस महान गायिका के निधन से देश में शोक का माहौल है।
हिंदी सिनेमा को सुरों से सजाने वाली आशा भोसले भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके सदाबहार गाने हमेशा दर्शकों के दिलों में जिंदा रहेंगे। उनके साथ काम करने वाले लोगों का मानना है कि आशा ताई हमेशा चेहरे पर मुस्कान और दिल से प्यार देने वाली सिंगर्स में से एक थी, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि आशा भोसले बचपन में बहुत शरारती थी और यही कारण था कि उनकी बहन लता मंगेशकर उन्हें घर में पहलवान और मोटी बिल्ली कहकर बुलाती थीं।

आशा भोसले और लता मंगेशकर के स्वभाव में जमीन-आसमान का अंतर था। जहां एक तरफ लता जी शांत और सुलझी हुई थीं, वहीं आशा चुलबुली और हमेशा खेल-कूदने वाली थी। वे स्कूल में इतनी शरारत करती थी कि घर तक शिकायत पहुंच जाती थी। आशा भोसले को बचपन से ही गाने का शौक था और वे डेस्क पर बैठकर उंगलियों से तबला बजाती थी और उनके टीचर हमेशा शिकायत करते थे कि लड़की का मन पढ़ने से ज्यादा गाने-बजाने में लगता है।

आशा जी बचपन से खाना खाने और बनाने की शौकीन रही हैं और यही कारण है उनके यूएई, कुवैत, बहरीन, ब्रिटेन के बर्मिंघम और मैनचेस्टर में आशा नाम के रेस्तरां चलते हैं। खुद एक इंटरव्यू में सिंगर ने खुलासा किया था, उनका बचपन खाने और खेलने में निकला और उन्हें बुद्धि से थोड़ा कमजोर माना जाता था। मुझे घर का काम करना और रसोई में खाना पकाना बहुत पसंद था। मुझे घर में सभी पहलवान, पठान और मोटी बिल्ली के नाम से बुलाते थे।

सिंगर ने कहा था कि लता दीदी अपने अंदर सभी भावनाओं को छिपा लेती थी, लेकिन मैं सबके सामने बोल देती थी। मुझे किसी से हिचक महसूस नहीं होती है। मुझे बचपन में मलाई खाना बहुत पसंद था और आज भी खाती हूं और खूब सारा दूध भी पीती हूं। यही कारण है कि आज तक मैं इसलिए गा पा रही हूं कि क्योंकि मैंने मलाई और दूध खूब सारा पीया है।

यह भी पढ़ें-

पाक-अधिकृत कश्मीर और अफगान सीमा के पास चीन ने बसाया नया जिला

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,351फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
315,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें