यही वजह है कि गर्मियों में दही बूंदी रायता खाने की थाली का खास हिस्सा माना जाता है। खास बात है कि इसे बनाने की विधि भी बहुत आसान है।
राजस्थान पर्यटन विभाग ने गर्मियों में बूंदी रायता को सबसे अच्छा विकल्प बताया है। यह स्वादिष्ट और ताजगी भरा व्यंजन गर्मी में शरीर को ठंडक पहुंचाता है और स्वाद की भी पूरी तृप्ति देता है। बूंदी रायता राजस्थान की पारंपरिक और लोकप्रिय डिश है। इसमें दही के साथ बूंदी मिलाई जाती है और हल्के मसालों, जीरा, पुदीना और धनिया से स्वाद बढ़ाया जाता है। एक ठंडा गिलास बूंदी रायता पीने के बाद गर्मी की थकान पूरी तरह उतर जाती है।
यह राजस्थान की संस्कृति और परंपरा का स्वाद भी है, जो रेगिस्तानी गर्मी में स्थानीय लोगों का पसंदीदा पेय-व्यंजन रहा है। बूंदी रायता शरीर को ठंडक देता है, दही प्राकृतिक रूप से ठंडा होता है, जो गर्मी में शरीर का तापमान नियंत्रित रखता है।
पोषक तत्वों से भरपूर दही-बूंदी रायता राजस्थान के साथ ही उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में लोग बड़े चाव के साथ खाते हैं। इसमें कैल्शियम, प्रोटीन और प्रोबायोटिक्स होते हैं जो पेट के स्वास्थ्य के लिए अच्छे हैं। बूंदी से थोड़ी ऊर्जा और मसालों से एंटीऑक्सीडेंट मिलता है। यह वजन नियंत्रण में भी मददगार है। गर्मी में हल्का भोजन खाने से वजन बढ़ने का खतरा कम रहता है।
बूंदी रायता न सिर्फ स्वादिष्ट है बल्कि गर्मी के मौसम में स्वास्थ्य की सुरक्षा भी करता है। इसे दोपहर के भोजन के साथ, शाम की चाय के साथ या रात के खाने में सलाद की तरह लिया जा सकता है। घर पर आसानी से बनाया जा सकता है।
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