29 C
Mumbai
Friday, September 18, 2026
National Stock Exchange of India Limited
होमदेश दुनिया'कट्टरपंथी इस्लाम अमेरिका के लिए खतरा'—अमेरिकी विदेश मंत्री का बयान

‘कट्टरपंथी इस्लाम अमेरिका के लिए खतरा’—अमेरिकी विदेश मंत्री का बयान

"संयुक्त राज्य अमेरिका नाइजीरिया और दुनिया भर में ईसाइयों के खिलाफ अत्याचारों और हिंसा के जवाब में निर्णायक कदम उठा रहा है... यह नीति उन सभी पर लागू होगी जो धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करते हैं।"

Google News Follow

Related

- Advertisement -National Stock Exchange

अमेरिका के विदेश मंत्री और डोनाल्ड ट्रंप के बेहद करीबी  मार्को रुबियो ने कट्टरपंथी इस्लामी संगठनों को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। फ़ॉक्स न्यूज़ को दिए गए इंटरव्यू में रुबियो ने कहा कि कट्टरपंथी इस्लाम का लक्ष्य सिर्फ एक क्षेत्र में सीमित रहना नहीं, बल्कि और ज़्यादा क्षेत्रों और लोगों पर नियंत्रण स्थापित करना है, जिसे वे पश्चिमी देशों के लिए स्पष्ट और आसन्न खतरा मानते हैं।

रुबियो ने कहा, “कट्टरपंथी इस्लाम ने दिखाया है कि उनकी इच्छा सिर्फ दुनिया के एक हिस्से पर कब्जा करने और अपने छोटे से ख़िलाफ़त में खुश रहने की नहीं है; वे विस्तार करना चाहते हैं। यह एक क्रांतिकारी विचारधारा है, जो और अधिक क्षेत्रों और लोगों पर नियंत्रण चाहती है।”  रुबियो के अनुसार, इस विचारधारा को अमेरिका पृथ्वी पर बुराई का सबसे बड़ा स्रोत दिखाई देता है। उन्होंने कहा, “यह दुनिया और व्यापक पश्चिम के लिए एक स्पष्ट और तत्काल खतरा है, खासकर संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए।”

रुबियो ने आगे कहा कि कट्टरपंथी इस्लाम से जुड़े समूह अपने प्रभुत्व के लिए,“आतंकवाद, हत्या, और राजनीतिक हत्याओं तक करने के लिए तैयार हैं।” उन्होंने फ़ॉक्स न्यूज़ से बातचीत में कहा, “कट्टरपंथी इस्लाम की नज़रें खुले तौर पर पश्चिम, अमेरिका और यूरोप पर हैं। ईरान जैसे देश आतंकवाद, राष्ट्र-प्रायोजित हमले, हत्याएं—सब कुछ करने को तैयार हैं… जो भी उनके प्रभाव और अंतिम नियंत्रण को बढ़ा सके।”

रुबियो ने घोषणा की कि अमेरिका उन लोगों पर वीज़ा प्रतिबंध लगाएगा जो नाइजीरिया सहित दुनिया भर में ईसाइयों के खिलाफ हिंसा को ‘निर्देशित, वित्तपोषित, समर्थन’ करते हैं। दौरान उन्होंने X पर लिखा था, “संयुक्त राज्य अमेरिका नाइजीरिया और दुनिया भर में ईसाइयों के खिलाफ अत्याचारों और हिंसा के जवाब में निर्णायक कदम उठा रहा है… यह नीति उन सभी पर लागू होगी जो धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करते हैं।”

दौरान पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी चेतावनी दी थी कि नाइजीरिया में ईसाइयों की “टार्गेटेड किलिंग” को देखते हुए वॉशिंगटन सैन्य कार्रवाई पर विचार कर सकता है। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने हाल ही में नाइजीरिया के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नुहू रिबाडु से मुलाकात की और कहा कि बातचीत का मुख्य विषय ईसाइयों के खिलाफ भयावह हिंसा  था।

रॉयटर्स के अनुसार, नाइजीरिया पिछले 15 वर्षों से बोको हराम और IS-वेस्ट अफ्रीका (ISWAP) जैसे इस्लामी आतंकी समूहों से जूझ रहा है। इस संघर्ष में हजारों लोग मारे गए और लाखों विस्थापित हुए हैं। रुबियो की चेतावनी न केवल अमेरिकी विदेश नीति के सख्त रुख को दिखाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि वॉशिंगटन अब धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर वैश्विक स्तर पर और कठोर कदम उठाने की तैयारी में है।

यह भी पढ़ें:

यूनिवर्सिटी में ‘सबको मारने’ की साजिश रच रहा था पाकिस्तानी आतंकी लुकमान खान

रिटायर्ड हो चुके है जनरल असीम मुनीर; अब तक नहीं हुई फील्ड मार्शल नियुक्ती भी

भारत-रूस ने पुतिन की दिल्ली यात्रा से पहले 2 अरब डॉलर की पनडुब्बी डील पर मुहर

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

150,356फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
333,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें