जेपी मॉर्गन की वरिष्ठ मैनेजर पर कर्मचारी के यौन शोषण और नस्लीय उत्पीड़न के आरोप

न्यूयॉर्क में मुकदमा दर्ज

जेपी मॉर्गन की वरिष्ठ मैनेजर पर कर्मचारी के यौन शोषण और नस्लीय उत्पीड़न के आरोप

Senior JPMorgan manager accused of sexual harassment and racial harassment of employee

वैश्विक बैंकिंग कंपनी जेपी मॉर्गन चेस की एक वरिष्ठ अधिकारी पर गंभीर आरोप लगे हैं। बैंक के एक पूर्व कर्मचारी ने न्यूयॉर्क की अदालत में मुकदमा दायर कर आरोप लगाया है कि उसे महीनों तक यौन शोषण, नस्लीय उत्पीड़न और कार्यस्थल पर धमकियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, बैंक ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि आंतरिक जांच में कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला।

यह मामला न्यूयॉर्क काउंटी सुप्रीम कोर्ट में दायर किया गया है, जिसमें 37 वर्षीय एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर लोर्ना हाजदिनी को प्रतिवादी बनाया गया है। शिकायतकर्ता को ‘जॉन डो’ के नाम से पहचान छिपाकर पेश किया गया है, शिकायतकर्ता  भारतीय मूल का एक वरिष्ठ बैंकर बताया गया है, जो लीवरेज्ड फाइनेंस डिवीजन में कार्यरत था।

मुकदमे के अनुसार, घटनाक्रम की शुरुआत 2024 की में हुई, जब शिकायतकर्ता ने टीम में शामिल होने के बाद हाजदिनी के अधीन काम करना शुरू किया। उसने आरोप लगाया कि अधिकारी ने अपने पद और प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए उस पर बार-बार यौन संबंध बनाने का दबाव डाला और नस्लीय टिप्पणियां कीं।

शिकायत में कई कथित घटनाओं का विवरण दिया गया है। आरोप है कि मई 2024 में पहली घटना के दौरान हाजदिनी ने अनुचित शारीरिक संपर्क किया और बाद में बार-बार आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने इन प्रस्तावों को अस्वीकार किया, लेकिन उसे करियर खराब करने की धमकियां दी गईं।

मुकदमे में यह भी आरोप लगाया गया है कि पदोन्नति और पेशेवर भविष्य को यौन संबंधों से जोड़कर दबाव बनाया गया। एक सामाजिक कार्यक्रम और निजी स्थानों पर भी कथित तौर पर अनुचित व्यवहार और जबरदस्ती की घटनाएं हुईं। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि कुछ मौकों पर उसके साथ जबरन यौन कृत्य किए गए और अपमानजनक नस्लीय टिप्पणियां की गईं।

गंभीर आरोपों में यह भी शामिल है कि उसे कथित रूप से नशीले पदार्थ देकर यौन शोषण किया गया। इसके अलावा, शिकायत में कहा गया है कि अधिकारी ने उसके निजी बैंक खाते तक अनधिकृत पहुंच बनाकर उसकी गतिविधियों पर नजर रखी।

शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया कि जब उसने मई 2025 में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई, तो उसके खिलाफ प्रतिशोध शुरू हो गया। इसमें उसे डांटना, सिस्टम एक्सेस हटाना और जबरन छुट्टी पर भेजने जैसे काम किए गए। साथ ही, उसे कथित तौर पर धमकी भरे फोन कॉल भी किए गए, जिनमें नस्लीय टिप्पणियां और डराने-धमकाने की बातें कही गईं।

जेपी मॉर्गन चेस ने इन सभी आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा, “जांच के बाद हमें इन दावों में कोई आधार नहीं मिला।” बैंक के अनुसार, कई कर्मचारियों ने जांच में सहयोग किया, जबकि शिकायतकर्ता ने पर्याप्त जानकारी नहीं दी।

शिकायतकर्ता के वकील डेनियल जे. कैसर ने इन आरोपों को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि उनके मुवक्किल को पेशेवर और मानसिक रूप से भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि पीड़ित पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) से जूझ रहा है और आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहा है। यह मामला अब अदालत में विचाराधीन है और इसमें भावनात्मक क्षति, आर्थिक नुकसान और कार्यस्थल में सुधारों की मांग की गई है।

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