मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना ने महाराष्ट्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर ली है। परियोजना के तहत तीसरे पर्वतीय सुरंग (एमटी-07) का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। रेल मंत्रालय ने मंगलवार (2 जून) को जानकारी दी कि यह सुरंग महाराष्ट्र के पालघर जिले के डहाणू तहसील के अंबेसरी गांव के पास बनाई गई है।
मंत्रालय के अनुसार, यह सुरंग 417 मीटर लंबी और 14.4 मीटर चौड़ी है तथा हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन संचालन के लिए अत्याधुनिक निगरानी और सुरक्षा प्रणालियों से सुसज्जित है। पालघर जिले में मात्र पांच महीनों के भीतर तीन पर्वतीय सुरंगों का निर्माण पूरा होने से देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना को नई गति मिली है।
रेल मंत्रालय के बयान में कहा गया कि बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की दोनों लाइनें विकसित करने के लिए इस सुरंग की खुदाई दोनों सिरों से नियंत्रित ड्रिलिंग और ब्लास्टिंग तकनीक के माध्यम से की गई। निर्माण के दौरान उन्नत इंजीनियरिंग तकनीकों और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया गया।
पूरे निर्माण कार्य के दौरान संरचनात्मक स्थिरता, श्रमिकों की सुरक्षा और सटीक निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक मॉनिटरिंग सिस्टम और भू-तकनीकी उपकरणों का उपयोग किया गया। सरफेस सेटलमेंट पॉइंट्स (SSP), 3D टार्गेट्स, स्ट्रेन गेज और सिस्मोग्राफ जैसी रियल-टाइम निगरानी प्रणालियों की मदद से कंपन, सुरंग की गतिविधियों और आसपास की संरचनाओं पर लगातार नजर रखी गई।
इसके अलावा, सुरंग निर्माण के दौरान वेंटिलेशन सिस्टम, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, नियंत्रित प्रवेश और निरंतर भू-तकनीकी निगरानी जैसी श्रमिक सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया गया।
रेल मंत्रालय ने बताया कि यह उपलब्धि महाराष्ट्र में पहले से पूर्ण हो चुकी सुरंग परियोजनाओं की सफलता पर आधारित है। पालघर जिले के सफाले क्षेत्र में 1.5 किलोमीटर लंबे पहले पर्वतीय सुरंग (एमटी-05) का निर्माण 2 जनवरी 2026 को पूरा हुआ था। यह महाराष्ट्र में बुलेट ट्रेन परियोजना का पहला सफल पर्वतीय सुरंग था।
इसके बाद 3 फरवरी 2026 को दूसरे सुरंग (एमटी-06) का निर्माण पूरा किया गया। 454 मीटर लंबी इस सुरंग की खुदाई न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (NATM) के माध्यम से की गई थी। इस प्रकार केवल एक महीने के भीतर पालघर जिले में दो सुरंगों का निर्माण पूरा हुआ था।
महाराष्ट्र में निर्माणाधीन सात पर्वतीय सुरंगों में से एमटी-05, एमटी-06 और एमटी-07 की खुदाई पूरी हो चुकी है। वहीं एमटी-08 (350 मीटर) की खुदाई 5 अक्टूबर 2023 को ही पूरी कर ली गई थी। एमटी-03 का कार्य 80 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है, जबकि एमटी-04 लगभग 60 प्रतिशत पूरा हो गया है। एमटी-01 और एमटी-02 पर भी तेजी से काम जारी है।
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के कुल आठ पर्वतीय सुरंगों में से सात महाराष्ट्र के पालघर जिले में और एक गुजरात के वलसाड जिले में स्थित है। वलसाड जिले की सुरंग का निर्माण पहले ही पूरा किया जा चुका है।
मंत्रालय के अनुसार, वापी और बोइसर बुलेट ट्रेन स्टेशनों के बीच स्थित तीनों पर्वतीय सुरंगों की खुदाई सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर महाराष्ट्र के बोईसर और गुजरात के वापी जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों से होकर गुजरता है, जहां निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस खंड में एमटी-08, एमटी-07 और एमटी-06 नामक तीन पर्वतीय सुरंगें शामिल हैं।
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