पहले अंतरिम समझौता लागू होगा, उसके बाद परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा!

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रुख किया स्पष्ट

पहले अंतरिम समझौता लागू होगा, उसके बाद परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा!

The interim agreement will be implemented first, followed by discussions on the nuclear program!

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका के साथ होने वाली संभावित शांति वार्ता कोई अंतिम परमाणु समझौता नहीं होगी। शुरुआत में एक अंतरिम समझौता लागू किया जाएगा और उसके बाद ही दोनों देश परमाणु कार्यक्रम के संबंध में औपचारिक बातचीत शुरू करेंगे। तस्नीम समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, अराघची ने कहा कि प्रस्तावित समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रैट ऑफ होर्मुज) को फिर से खोलना, जारी संघर्ष को समाप्त करना और अमेरिका व ईरान द्वारा एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने की गारंटी शामिल है। उन्होंने बताया कि इस समझौते के मसौदे में कुल 14 बिंदु शामिल हैं। उनके अनुसार, परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर दूसरे चरण में चर्चा होगी और यह चरण करीब 60 दिनों तक चलेगा।

अराघची ने कहा, “होर्मुज जलडमरूमध्य का प्रबंधन अब युद्ध-पूर्व की स्थिति जैसा नहीं रहेगा। इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर ईरान और ओमान का नियंत्रण है और यहां से गुजरने वाले जहाजों के सुरक्षित परिवहन की जिम्मेदारी ईरान निभाएगा।” ईरान के विदेश मंत्री ने इस बात की भी पुष्टि की कि अमेरिका के साथ प्रस्तावित युद्धविराम समझौते में ईरान की जब्त और फ्रीज की गई संपत्तियों को चरणबद्ध तरीके से मुक्त करने का प्रावधान है। हालांकि, समझौते के अंतिम स्वरूप और संपत्तियों को मुक्त करने की शर्तों पर अभी भी चर्चा चल रही है।

होर्मुज जलडमरूमध्य के बारे में बात करते हुए उन्होंने फिर से स्पष्ट किया कि प्रशासन पहले की तरह काम नहीं करेगा और इस मार्ग पर दी जाने वाली सेवाओं के लिए शुल्क लिया जाएगा। अराघची ने कहा, “होर्मुज का प्रशासन युद्ध-पूर्व की स्थिति में वापस नहीं जाएगा।” उन्होंने यह संकेत भी दिया कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों के लिए नई प्रशासनिक और सेवा व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी।

अमेरिका की आलोचना करते हुए अराघची ने कहा, “हम ऐसे पक्षों से निपट रहे हैं जो अपने वादे पूरे नहीं करते। उनके वादाखिलाफी को रोकने के लिए हमें उपाय करने होंगे।” इससे पहले एक्स (X) पर एक पोस्ट में अराघची ने कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच तैयार हो रहा ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ अंतिम चरण में पहुंच गया है और दोनों देश पहले कभी इतने करीब नहीं आए थे। साथ ही उन्होंने मीडिया और विश्लेषकों से समझौते के विवरण के बारे में कयास लगाने से बचने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आधिकारिक जानकारी अंतिम रूप दिए जाने के बाद ही सार्वजनिक की जाएगी।

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