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Saturday, July 11, 2026
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राम मंदिर ट्रस्ट अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच हो, बोले विनोद कापड़ी!

उनका दावा है कि जिस जमीन को पहले कम कीमत पर खरीदा गया, उसे कुछ समय बाद ही कई गुना अधिक कीमत पर ट्रस्ट को बेचा गया।

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खटीमा से विधायक विनोद कापड़ी ने राम मंदिर ट्रस्ट और धार्मिक संस्थाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा वर्षों से भगवान राम और राम मंदिर के नाम पर चंदा जुटाने की राजनीति करती रही है जबकि धार्मिक संस्थाओं में सामने आए विवादों और कथित भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने का प्रयास किया गया।

देहरादून में आईएएनएस से बात करते हुए विनोद कापड़ी ने कहा, “राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े भूमि खरीद मामले में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप पहले ही सामने आ चुके थे। उनका दावा है कि जिस जमीन को पहले कम कीमत पर खरीदा गया, उसे कुछ समय बाद ही कई गुना अधिक कीमत पर ट्रस्ट को बेचा गया। उस समय भी कई संतों और धार्मिक नेताओं ने सवाल उठाए थे लेकिन भाजपा, संघ और विश्व हिंदू परिषद ने इन आरोपों को गंभीरता से नहीं लिया।”

उन्होंने हाल ही में सामने आई चोरी की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा, “यदि 40 दिनों में कई बार चोरी की घटनाएं हुई हैं और पुराने रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं हैं, तो यह बेहद गंभीर मामला है। जो लोग भगवान राम के नाम पर सत्ता में आए, वही अब राम मंदिर की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं।”

विनोद कापड़ी ने उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “बाबा बदरी-केदार पूरे विश्व की आस्था का केंद्र हैं लेकिन वहां भी कथित रूप से सोने और अन्य सामान से जुड़े विवाद सामने आए हैं।”

इसके अलावा बद्रीनाथ धाम में चोरी की घटनाओं का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इन मामलों पर जवाबदेही तय करने के बजाय संबंधित पदाधिकारी अपने कार्यकाल बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

विधायक कापड़ी ने आरोप लगाया, “भाजपा धर्म के नाम पर राजनीति करती है लेकिन धार्मिक आस्था और मंदिरों की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में गंभीर नहीं है। यदि अन्य धार्मिक ट्रस्टों की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई अनियमितताएं सामने आ सकती हैं।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया, “भाजपा सरकार छोटे स्तर के लोगों पर कार्रवाई दिखाकर बड़े प्रभावशाली लोगों को संरक्षण देने का काम करती है। चाहे नकल माफिया, खनन माफिया या धान माफिया का मामला हो, सरकार प्रभावशाली लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने से बचती है।” उन्होंने धार्मिक ट्रस्टों और उनसे जुड़े मामलों की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने की मांग की।

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