30.4 C
Mumbai
Tuesday, June 16, 2026
होमदेश दुनिया'ये दोहरे चरित्र की सरकार है,' माघ मेला से बिना स्नान किए...

‘ये दोहरे चरित्र की सरकार है,’ माघ मेला से बिना स्नान किए वापस जा रहे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद 

ये सभी दोहरे चरित्र वाले लोग हैं। एक तरफ सनातन धर्म की बात करते हैं और दूसरी तरफ शंकराचार्य, बटुकों और ब्राह्मणों का अपमान करते हैं।

Google News Follow

Related

प्रयागराज में माघ अमावस्या के दिन से ही प्रशासन और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच संघर्ष जारी है। अब अविमुक्तेश्वरानंद ने घोषणा की है कि वे माघ मेले से बिना स्नान किए जा रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा और कहा कि ये सभी दोहरे चरित्र वाले लोग हैं। एक तरफ सनातन धर्म की बात करते हैं और दूसरी तरफ शंकराचार्य, बटुकों और ब्राह्मणों का अपमान करते हैं।

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने घोषणा की है कि वे संगम में स्नान किए बिना माघ मेले से लौटेंगे। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, “अगर प्रशासन अपनी गलती के लिए क्षमा-याचना कर सकता है, तब तो ठीक है, बाकी हमें आपसे कुछ नहीं चाहिए।

जो हमारा है, वह आपको हमें देना ही होगा, अगर आज नहीं तो कल। यह हमारा अधिकार है, आपकी तरफ से दिया गया दान नहीं। जिस असली मुद्दे के लिए हम दस दिन शांतिपूर्वक बैठे रहे, उसे नजरअंदाज किया जा रहा है।

हमने आपको विचार करने और अन्याय के परिणामों का सामना करने या माफी मांगने के लिए पर्याप्त समय दिया। लेकिन 10-11 दिन बाद भी, जब हमने जाने का फैसला किया, तो हमारे सामने इस तरह का प्रस्ताव आया है।”

उन्होंने आगे कहा, “हमने प्रस्ताव को ठुकरा दिया है क्योंकि ये उस दिन आया है, जब हम बिना स्नान किए वापस जा रहे हैं। प्रस्ताव को अगर स्वीकार कर लेते तो ये हमारे धर्म, हमारे और शिष्यों के साथ हुए अत्याचार को भूलने जैसा होता। हमारा मन बहुत भारी है, लेकिन जो चीजें ब्राह्मणों और शंकराचार्य के साथ औरंगजेब के समय नहीं हुईं, वो तथाकथित हिंदू सरकारों के राज में हो रही हैं।”

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर अविमुक्तेश्वरानंद ने निशाना साधते हुए कहा, “एक तरफ देश के गृह मंत्री कहते हैं कि साधु-संतों पर अत्याचार करने वाली और सनातनियों की सुध न लेने वाली सरकारें कभी भी स्थायी नहीं हो सकती हैं।

एक तरफ इतना बड़ा ज्ञान दिया जा रहा है और दूसरी तरफ हिंदू धर्म के सबसे बड़े प्रतीक शंकराचार्य, ब्राह्मण, बटुक और संन्यासियों पर अत्याचार किया जा रहा है। ये सरकार का दोहरा चरित्र है, जिसके बारे में जनता को पता होना चाहिए।”
यह भी पढ़ें-

राष्ट्रपति के भाषण विरोध पर रिजिजू बोले, जिम्मेदार सांसद ऐसा व्यवहार नहीं करते

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,348फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
315,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें