आयुष मंत्रालय और योग संस्थानों के दिशा-निर्देशों के अनुसार, तिर्यक ताड़ासन (झूलते ताड़ के पेड़ की मुद्रा) शरीर को लचीला बनाने और संतुलन सुधारने का एक बेहतरीन योगासन है। यह एक आसान और प्रभावी खड़े होकर किया जाने वाला आसन है, जिसमें शरीर को साइड की ओर झुकाया जाता है। इस आसन में सजगता बहुत जरूरी है।
तिर्यक ताड़ासन के अभ्यास के लिए, सबसे पहले ताड़ासन की मुद्रा में खड़े होकर पैरों को कंधों की चौड़ाई जितना अलग रखें, शरीर सीधा और हाथ नीचे रखें। सांस भरते हुए, दोनों हाथों की उंगलियां इंटरलॉक करें, हथेलियां ऊपर करके सिर के ऊपर सीधे उठाएं और कोहनियां सीधी रखें।
यह आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है, कमर दर्द और साइड में जकड़न को कम करता है। पेट और आंतों की मालिश होती है, जिससे पाचन क्रिया सुधरती है और कब्ज दूर होता है। बगल, कंधे, छाती और हाथों की मांसपेशियां स्ट्रेच होने के साथ मजबूत भी होती हैं।
हालांकि, आयुष मंत्रालय ने कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी हैं। उनके अनुसार, जिन लोगों को पीठ, रीढ़ की हड्डी या पेट में चोट लगी हो, उन्हें यह आसन करने से बचना चाहिए। साथ ही, गर्भवती महिलाओं को सावधानी बरतनी चाहिए।



