26 C
Mumbai
Thursday, January 22, 2026
होमदेश दुनियाSCO शिखर सम्मेलन पर ट्रंप का बयान,"भारत और रूस अब चीन के...

SCO शिखर सम्मेलन पर ट्रंप का बयान,”भारत और रूस अब चीन के साथ”

ट्रंप का खुला सन्देश?

Google News Follow

Related

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल से सनसनीखेज़ दावा किया है कि अमेरिका ने भारत और रूस को सबसे गहरे और अंधेरे चीन के हाथों खो दिया है। ट्रंप ने यह टिप्पणी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की साझा तस्वीर पोस्ट करते हुए की।

ट्रंप ने आज (5 सितंबर) अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, “ऐसा लगता है कि हमने भारत और रूस को सबसे गहरे, सबसे अंधेरे चीन को खो दिया है। आशा है कि उनका साथ लंबा और समृद्ध होगा!” साथ ही ट्रंप ने पीएम मोदी की व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग के साथ तस्वीर भी साझा की है।

हाल ही में हुए एससीओ समिट में मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग एक साथ मंच पर दिखाई दिए। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान एशिया में बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों पर अमेरिका की चिंता को दर्शा रहा है। हालांकि कुछ विश्लेषक इसे ट्रंप का खुला सन्देश मान रहें है की ट्रंप भारत के साथ आगे साझेदारी नहीं करेंगे और आने वाले समय में रिश्ते और ख़राब होते जाएंगे। हालांकि भारत की ओर से अभी तक कोई ऐसा संदेश या बयान नहीं दिया गया है, जिससे दोनों देशों के बीच कोई ख़टास आए।

इससे पहले 3 सितंबर को डोनाल्ड ट्रम्प ने पुतिन और शी पर आरोप लगाया था कि वे बीजिंग सैन्य परेड में संयुक्त रूप से उपस्थित थे और उम्मीद कर रहे थे कि वह उन्हें देख रहे होंगे। द्वितीय विश्व युद्ध में जापान की हार की 80वीं वर्षगांठ के  इस कार्यक्रम में उन्नत हथियारों का प्रदर्शन किया गया। इसमें उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन और बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्सांद्र लुकाशेंको भी शामिल हुए। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “मुझे लगा कि यह बहुत ही प्रभावशाली था, लेकिन मैं समझ गया कि वे ऐसा क्यों कर रहे थे। और वे उम्मीद कर रहे थे कि मैं देख रहा हूँ और मैं देख रहा था।”

हालाँकि, जब उनसे वाशिंगटन के खिलाफ एक संभावित धुरी के गठन के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने चिंताओं को दरकिनार कर दिया। उन्होंने कहा, “मुझे बिल्कुल भी चिंता नहीं है… हमारे पास दुनिया की अब तक की सबसे मज़बूत सेना है। वे हम पर अपनी सेना का इस्तेमाल कभी नहीं करेंगे। मेरा विश्वास करो।”

SCO में भारत, चीन, रूस समेत कई मध्य एशियाई देश सदस्य हैं, जिन्हे अक्सर पश्चिमी देशों के लिए एक सामरिक चुनौती के रूप में देखा जाता है। हालांकि भारत किसी भी देश के साथ मिलिट्री पार्टनरशिप नहीं करना चाहता। इससे पहले भी भारत ने क्वाड और ब्रिक्स में शामिल रहा है, लेकीन मिलिट्री पार्टनरशिप के लिए तैयारी नहीं दिखाई है। दौरान ट्रंप का यह बयान अमेरिका गिरती विदेश नीति बहस को उचित दावेदार बनता है।

यह भी पढ़ें:

“बी से बीड़ी, बी से बिहारी…” टिप्पणी पर कांग्रेस केरल इकाई ने मांगी माफी!

गणेश विसर्जन के लिए मुंबई पुलिस पूरी तरह तैयार, सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम!

पाकिस्तान का ‘लोकल टेररिस्ट’ नैरेटिव हुआ बेनकाब, नई रिपोर्ट ने खोली पोल!

यूक्रेन संघर्ष पर भारत का रुख: बातचीत और कूटनीति ही एकमात्र समाधान!

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,376फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
288,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें