पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि “यदि अमेरिकी ठिकानों या हितों पर हमला किया गया तो वाशिंगटन ऐसी ताकत से जवाब देगा जैसी पहले कभी नहीं देखी गई।” ईरान ने एक वरिष्ठ धर्मगुरु की मौत के बाद व्यापक सैन्य प्रतिशोध का संकेत दिया, जिसके जवाब में ट्रंप ने यह कहा है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया कि अमेरिका किसी भी हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा। अमेरिकी रक्षा सूत्रों के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में स्थित सैन्य ठिकानों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने हालिया हमलों से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन सार्वजनिक नहीं किया है।
सुप्रीम लीडर की मौत के बाद बढ़ा तनाव
ईरान के 86 वर्षीय सुप्रीम लीडर की मौत के बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सरकारी टेलीविजन के माध्यम से की। ट्रंप ने इससे पहले सार्वजनिक रूप से उनकी मौत की घोषणा करते हुए उन्हें “बेहद खतरनाक” व्यक्ति बताया था।
मौत की पुष्टि के तुरंत बाद IRGC ने संदेश जारी कर कड़े और व्यापक जवाबी अभियान की चेतावनी दी। टेलीग्राम पर प्रसारित बयानों में कहा गया कि एक शक्तिशाली सैन्य कार्रवाई किसी भी क्षण शुरू हो सकती है, जिसका लक्ष्य तथाकथित कब्जे वाले क्षेत्र और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डे होंगे। ईरानी अधिकारियों ने इसे राष्ट्रीय कर्तव्य और प्रतिशोध की कार्रवाई बताया।
इसी के जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर लिखा, “ईरान ने अभी कहा है कि वे आज बहुत ज़ोरदार हमला करेंगे, इतना ज़ोरदार जितना उन्होंने पहले कभी नहीं किया। लेकिन, बेहतर होगा कि वे ऐसा न करें, क्योंकि अगर वे ऐसा करते हैं, तो हम उन पर ऐसी ज़ोरदार हमला करेंगे जो पहले कभी नहीं देखा गया! इस मामले पर ध्यान देने के लिए आपका धन्यवाद! प्रेसिडेंट डोनाल्ड जे. ट्रंप”

क्षेत्र में बढ़ी सैन्य हलचल
मध्य पूर्व के कई हिस्सों में मिसाइल और ड्रोन गतिविधियों की खबरों के बीच सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी बढ़ा दी है। खाड़ी क्षेत्र में मौजूद कई अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। क्षेत्रीय अधिकारियों ने हालिया हमलों को पैमाने और तीव्रता के लिहाज से अभूतपूर्व बताया है। सूत्रों का कहना है कि तनाव कम करने के लिए बैक-चैनल वार्ताएं जारी हैं, लेकिन सार्वजनिक बयानों में दोनों पक्षों का रुख सख्त बना हुआ है। सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि यदि हालात और बिगड़ते हैं तो यह टकराव व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले सकता है।
वॉशिंगटन और तेहरान के बीच खुलेआम दी जा रही धमकियों ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। कई मित्र देशों ने संयम बरतने की अपील की है। हालांकि फिलहाल दोनों देश आगे की कार्रवाई के लिए तैयार नजर आ रहे हैं, जिससे तनाव कम होने की संभावनाएं अनिश्चित बनी हुई हैं।
पश्चिम एशिया की स्थिति पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं, जहां किसी भी नई सैन्य कार्रवाई से क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता पर गहरा असर पड़ सकता है।
यह भी पढ़ें:
खामेनेई की मौत का बदला लेने उतरे ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स; “सबसे उग्र सैन्य अभियान” की चेतावनी
दुबई एयरपोर्ट के पास धमाका, पीवी सिंधु बोलीं – “हर घंटे हालात और डरावने हो रहे”
श्रीनगर: खामेनेई की मौत पर मुसलमानों का प्रदर्शन, लाल चौक में काले झंडों के साथ शोक मार्च



