दही और योगर्ट एक जैसे नहीं हैं! जानिए दोनों में क्या है असली फर्क

पाचन, आंतों के स्वास्थ्य और पोषण पर पड़ता है अलग-अलग असर

दही और योगर्ट एक जैसे नहीं हैं! जानिए दोनों में क्या है असली फर्क

Curd and yogurt are not the same thing! Learn the real difference between the two.

भारतीय घरों में दही रोज़ाना के भोजन का एक अहम हिस्सा माना जाता है। लेकिन कई लोगों को लगता है कि दही (Curd) और योगर्ट (Yogurt) एक ही चीज़ हैं। वास्तव में, दोनों दूध से बनने वाले खाद्य पदार्थ हैं, लेकिन उनकी बनाने की प्रक्रिया, इस्तेमाल होने वाले बैक्टीरिया और शरीर पर पड़ने वाले प्रभाव में महत्वपूर्ण अंतर होता है। खासकर पाचन तंत्र, आंतों के स्वास्थ्य (Gut Health) और प्रोबायोटिक गुणों के लिहाज से दोनों को अलग नजरिए से देखा जाता है।

दही क्या होता है?

दही बनाने के लिए गुनगुने दूध में पहले से बने दही का थोड़ा हिस्सा मिलाया जाता है। इसमें मौजूद प्राकृतिक बैक्टीरिया दूध को किण्वित (Fermentation) करते हैं और कुछ घंटों में दही तैयार हो जाता है। भारत के अधिकांश घरों में दही पारंपरिक तरीके से बनाया जाता है। हालांकि, हर बार इस्तेमाल होने वाले बैक्टीरिया के प्रकार और उनकी मात्रा अलग हो सकती है। इसी वजह से दही का स्वाद, गाढ़ापन और पोषण गुण भी बदल सकते हैं।

योगर्ट कैसे अलग है?

योगर्ट तैयार करने के लिए विशेष और नियंत्रित बैक्टीरियल स्ट्रेन्स का उपयोग किया जाता है। इनमें मुख्य रूप से Lactobacillus bulgaricus और Streptococcus thermophilus शामिल होते हैं। इससे योगर्ट एक नियंत्रित प्रक्रिया के तहत तैयार होता है, जिससे उसका स्वाद, टेक्सचर और पोषण मूल्य अपेक्षाकृत एक समान रहते हैं।

यह अंतर क्यों महत्वपूर्ण है?

विशेषज्ञों के अनुसार, अलग-अलग प्रकार के बैक्टीरिया शरीर पर अलग-अलग प्रभाव डाल सकते हैं। इसका असर निम्न बातों पर पड़ सकता है:

  • पाचन प्रक्रिया
  • आंतों में अच्छे बैक्टीरिया का संतुलन
  • भोजन के पोषक तत्वों का अवशोषण
  • स्वाद और टेक्सचर
  • प्रोबायोटिक गुण

इसलिए दही और योगर्ट के स्वास्थ्य लाभ पूरी तरह समान नहीं होते।

दही (Curd):

घरों में आमतौर पर पारंपरिक तरीके से दही तैयार किया जाता है। इसमें पानी की मात्रा अधिक होने के कारण इसका टेक्सचर ढीला होता है। दही में बैक्टीरिया के प्रकार बदल सकते हैं और हर बार इसका स्वाद अलग हो सकता है।

योगर्ट (Yogurt):

विशेष बैक्टीरिया से तैयार किया जाता है। यह औद्योगिक और नियंत्रित उत्पादन होता है, जिस वजस से यह अधिक क्रीमी और मुलायम होता है। निश्चित बैक्टीरियल स्ट्रेन्स के कारण इसका स्वाद और गुणवत्ता अधिक स्थिर होती है।

हर योगर्ट स्वास्थ्यवर्धक नहीं होता

हालांकि योगर्ट को स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन बाजार में उपलब्ध हर तरह का योगर्ट स्वस्थ विकल्प नहीं होता। कई फ्लेवर्ड योगर्ट में अतिरिक्त चीनी, कृत्रिम फ्लेवर, रंग (Coloring agents) ,संरक्षक (Preservatives) शामिल हो सकती हैं। इनकी वजह से कुछ योगर्ट में कैलोरी अधिक हो सकती है और अपेक्षित स्वास्थ्य लाभ कम हो सकते हैं।

खरीदते समय क्या जांचें?

विशेषज्ञ योगर्ट खरीदते समय इन बातों पर ध्यान देने की सलाह देते हैं:

क्या पैकेट पर Live Cultures या Probiotic Cultures लिखा है?

इसमें चीनी की मात्रा कितनी है?

क्या कृत्रिम फ्लेवर या रंग मिलाए गए हैं?

इसमें प्रोटीन और कैल्शियम की मात्रा कितनी है?

दही और योगर्ट दोनों ही पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थ हैं, लेकिन दोनों पूरी तरह एक जैसे नहीं हैं। दही एक पारंपरिक और घरेलू रूप से तैयार किया गया किण्वित दुग्ध उत्पाद है, जबकि योगर्ट विशेष बैक्टीरिया की मदद से नियंत्रित तरीके से बनाया जाता है। सही विकल्प चुनते समय उसके घटकों, चीनी की मात्रा और प्रोबायोटिक गुणों की जानकारी लेना जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, संतुलित आहार में बिना चीनी वाला दही या प्राकृतिक योगर्ट शामिल करने से पाचन तंत्र और आंतों के स्वास्थ्य को अच्छा लाभ मिल सकता है।

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