सप्ताह के पहले दिन पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब मंगलवार (26 मई) को सीएनजी के दामों में एक बार फिर वृद्धि की गई है। वैश्विक ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी के बीच दो सप्ताह से भी कम समय में यह चौथी बार दरें बढ़ाई गई हैं। सीएनजी की कीमत में प्रति किलो 2 रुपये की वृद्धि की गई है। 26 मई सुबह 6 बजे से लागू नई दरों के अनुसार, दिल्ली में सीएनजी की कीमत अब 83.09 रुपये प्रति किलो हो गई है।
पिछले नौ दिनों में यह सीएनजी की तीसरी और 11 दिनों में चौथी बढ़ोतरी है। इससे पहले रविवार को सीएनजी के दाम में 1 रुपये प्रति किलो की वृद्धि की गई थी। वहीं, 15 मई को 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी के बाद शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर में फिर 1 रुपये प्रति किलो का इजाफा किया गया था। 15 मई से अब तक दिल्ली में सीएनजी की कुल कीमत 7 रुपये प्रति किलो बढ़ चुकी है। हालांकि, घरों में पाइप के जरिए सप्लाई होने वाली प्राकृतिक गैस (PNG) और घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
बढ़ती वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों के कारण तेल विपणन कंपनियों पर दबाव बना हुआ है, जिसके चलते ईंधन कीमतों में यह नई बढ़ोतरी देखने को मिली है। अमेरिका-ईरान संघर्ष के चलते दुनिया के अहम तेल परिवहन मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित व्यवधान की आशंका के कारण भी इस बढ़ोतरी को जोड़ा जा रहा है। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और सप्लाई को लेकर चिंताओं के बीच अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। 28 फरवरी को मध्य-पूर्व संघर्ष शुरू होने से पहले ब्रेंट क्रूड की कीमत 72 डॉलर प्रति बैरल थी, जो अब बढ़कर 86 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई है।
इस बीच पेट्रोल की कीमत में प्रति लीटर 87 पैसे और डीजल की कीमत में प्रति लीटर 91 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में पेट्रोल का भाव 98.64 रुपये से बढ़कर 99.51 रुपये प्रति लीटर हो गया है, जबकि डीजल की कीमत 91.58 रुपये से बढ़कर 92.49 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है।
सरकारी स्वामित्व वाली तेल विपणन कंपनियां बढ़ी हुई अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों का बोझ उपभोक्ताओं पर डाल रही हैं। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब बाजार में ईंधन की कमी की अफवाहें भी फैल रही हैं, हालांकि पेट्रोलियम मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि भारत के पास पर्याप्त ईंधन भंडार उपलब्ध है। स्थानीय करों और शुल्कों के कारण ईंधन की कीमतें अलग-अलग राज्यों में भिन्न हो सकती हैं।
भारत के ईंधन खुदरा बाजार में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL)का दबदबा है। इन तीन सरकारी कंपनियों की देशभर में कुल ईंधन बिक्री में लगभग 90 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
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