7 घंटे, 300 पर्यटक; बंद पड़े गुलमर्ग रोपवे के लिए कैसे चलाया गया रेस्क्यू ऑपरेशन?

घंटों तक हवा में फंसे रहे पर्यटक

7 hours, 300 tourists: How was the rescue operation carried out for the defunct Gulmarg ropeway?

जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग गोंडोला में स्थित गोंडोला (केबल कार) पर्यटकों के लिए एक बड़ा आकर्षण है। लेकिन सोमवार (25 मई) को इस गोंडोला केबल कार में तकनीकी खराबी आने से अफरा-तफरी मच गई। सेवा अचानक बंद हो जाने के कारण कई पर्यटक केबल कार के डिब्बों में हवा में ही फंस गए, जिससे कुछ समय तक दहशत का माहौल बना रहा। एशिया के सबसे ऊंचे रोपवे की 65 केबिनों में 300 से अधिक पर्यटक घंटों तक हवा में लटके रहे। इसके बाद कई एजेंसियों ने मिलकर करीब सात घंटे लंबा बड़ा बचाव अभियान चलाया और सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।

PTI रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि बचाव अभियान में सभी फंसे लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। इनमें से कुछ लोग जमीन से करीब 500 फीट ऊंचाई पर लटक रही केबिनों में फंसे हुए थे। अधिकारियों ने यह भी कहा कि इलाके में हो रही भारी बारिश के कारण राहत और बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही थीं। दोपहर में तकनीकी खराबी सामने आने के बाद केबल कार सेवा के दोनों चरणों का संचालन तुरंत रोक दिया गया था।

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), जम्मू और कश्मीर पुलिस और भारतीय सेना की चिनार कोर की टीमों ने संयुक्त रूप से रस्सियों और सीढ़ियों की मदद से पर्यटकों को सुरक्षित नीचे उतारा। जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात ने बताया कि स्थानीय लोगों और गुलमर्ग पुलिस स्टेशन के कर्मचारियों की मदद से केबल कार परियोजना की रेस्क्यू टीम सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंची थी। बाद में एसडीआरएफ और सशस्त्र पुलिस की पर्वतीय बचाव टीमों की कुल 15 टुकड़ियों ने बड़ा अभियान शुरू किया। भारतीय सेना और एनडीआरएफ ने भी उनका सहयोग किया और सभी फंसे लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।

उन्होंने बताया कि लटकती केबिनों से करीब 320 लोगों को बाहर निकाला गया। इनमें अधिकांश लोग पैदल नीचे उतर गए, जबकि शारीरिक रूप से कमजोर 45 लोगों को स्ट्रेचर के जरिए नीचे लाया गया। पूरा ऑपरेशन करीब 7 घंटे तक चला।

मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला के निर्देश पर उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी स्थानीय विधायक फ़ारूक़ अहमद शाह के साथ बचाव कार्य की निगरानी के लिए तुरंत मौके पर पहुंचे। दोपहर तक 179 पर्यटकों को नीचे उतार लिया गया था, जबकि बाकी यात्रियों को केबिनों को एक-एक कर खाली करते हुए सुरक्षित निकाला गया। डीजीपी नलिन प्रभात ने गुलमर्ग में पत्रकारों से कहा कि बचाव अभियान पूरा हो चुका है और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आपदा राहत बलों की भूमिका की सराहना की। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि घटना की जांच कराई जाएगी और यदि कोई लापरवाही पाई गई तो कार्रवाई की जाएगी।

गुलमर्ग गोंडोला एशिया की सबसे ऊंची केबल कार सेवा है। इससे पहले भी इस सेवा में तकनीकी बाधाएं आ चुकी हैं, जिनमें पिछले वर्ष जनवरी में सेवा को अस्थायी रूप से बंद करना भी शामिल है। 25 जून 2017 को एक बड़ा हादसा हुआ था, जब तेज हवाओं के कारण उखड़ा एक पेड़ केबिन पर गिर गया था। इस दुर्घटना में सात लोगों की मौत हो गई थी।

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