दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। इस हादसे में अब तक कम से कम 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि जिस होटल में आग लगी, उसे दिल्ली सरकार की बेड एंड ब्रेकफास्ट (बी एंड बी) योजना के तहत केवल छह कमरों के संचालन की अनुमति मिली थी, लेकिन कथित तौर पर वहां 25 कमरे संचालित किए जा रहे थे।
सूत्रों के अनुसार, होटल को बी एंड बी योजना के तहत पंजीकृत किया गया था। इस योजना के नियमों के मुताबिक किसी भी पंजीकृत प्रतिष्ठान को अधिकतम आठ कमरे और 16 बिस्तरों के संचालन की अनुमति होती है। ऐसे में 25 कमरों के संचालन के आरोप ने होटल की वैधता, नियामकीय अनुपालन और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना के बाद शुरुआती रिपोर्टों में इस प्रतिष्ठान की पहचान “लेमन ग्रीन इन” के रूप में की गई थी। हालांकि बाद में दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया कि आग जिस इमारत में लगी, वह वास्तव में मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में स्थित “फ्लोरिश स्टे” नामक होटल है।
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए स्थानीय विधायक सतीश उपाध्याय ने कथित अनियमितताओं की पुष्टि नहीं की, लेकिन कहा कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली पुलिस ने भी होटल मालिक के खिलाफ जांच किए जाने की पुष्टि की है। अधिकारियों का कहना है कि यह जांच केवल आग लगने के कारणों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह भी देखा जाएगा कि होटल संचालन के दौरान सुरक्षा और लाइसेंस संबंधी नियमों का पालन किया गया था या नहीं।
बुधवार सुबह 8:48 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। यह होटल साकेत स्थित मैक्स अस्पताल के नजदीक एक व्यस्त इलाके में स्थित है। आग लगते ही पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग भवन के भीतर फंस गए।
दमकल विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आठ फायर टेंडरों को मौके पर भेजा। अग्निशमन कर्मियों और बचाव दलों ने धुएं से भरी इमारत में प्रवेश कर बड़े स्तर पर रेस्क्यू अभियान चलाया। इस दौरान 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
आग लगने का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों ने आशंका जताई है कि शॉर्ट सर्किट इस हादसे की वजह हो सकता है। हालांकि अधिकारियों ने कहा है कि तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही आग के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जाएगी।
हादसे के दौरान दो महिलाओं को जान बचाने के लिए इमारत से छलांग लगाते हुए भी देखा गया। आग और घने धुएं से बचने के लिए उन्होंने यह कदम उठाया। कई घायलों को साकेत स्थित मैक्स अस्पताल और एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
एम्स के अधिकारियों के अनुसार 13 घायल मरीजों को भर्ती किया गया है। इनमें तीन ऐसे लोग शामिल हैं जो ऊंचाई से गिरने के कारण गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
फिलहाल प्रशासन, पुलिस और दमकल विभाग संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रहे हैं। हादसे में हुई बड़ी जनहानि के बाद होटल की निर्माण अनुमति, लाइसेंस, अग्नि सुरक्षा इंतजामों और कथित नियम उल्लंघनों की गहन जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
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