मुंबई में 7 जून से पानी की उपलब्धता को लेकर गंभीर संकट पैदा होने की आशंका जताई जा रही है। मुंबई वॉटर टैंकर एसोसिएशन ने केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) के नियमों के कथित कड़े और चयनात्मक अमल के विरोध में शहरभर में जल परिवहन सेवाओं को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने की घोषणा की है। एसोसिएशन द्वारा शुक्रवार (5 जून)को जारी आपात सूचना के अनुसार, मुंबई के सभी पानी के टैंकर ऑपरेटर 7 जून की मध्यरात्रि 12 बजे से अपने वाहन सड़कों से हटा लेंगे और अगली सूचना तक सेवाएं पूरी तरह बंद रहेंगी।
इस फैसले का सीधा असर उन आवासीय सोसायटियों, अस्पतालों, उद्योगों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है, जो अपनी दैनिक जल आवश्यकताओं के लिए निजी टैंकरों पर निर्भर हैं। एसोसिएशन का कहना है कि सीजीडब्ल्यूए के नियमों को केवल मुंबई डिवीजन में लागू किया जा रहा है, जिससे टैंकर ऑपरेटरों के साथ-साथ कुएं के मालिकों, रिंग-वेल संचालकों, बोरवेल मालिकों, आरओ प्लांट संचालकों और जल आपूर्तिकर्ताओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
मुंबई वॉटर टैंकर एसोसिएशन के अनुसार, यह उद्योग पिछले 80 वर्षों से मुंबई को जल आपूर्ति सेवाएं प्रदान कर रहा है और शहर के उन इलाकों में लाखों लोगों की जरूरतें पूरी करता है, जहां नगर निगम की जलापूर्ति पर्याप्त नहीं है या पानी की कमी बनी रहती है।
एसोसिएशन ने अपने बयान में कहा, “स्थिति ऐसी बन गई है कि हमारे पास अपने लंबे समय से चल रहे व्यवसाय को बंद करने और सभी जल परिवहन सेवाओं को अनिश्चितकाल के लिए निलंबित करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है, जब तक कि संबंधित अधिकारियों के साथ कोई व्यावहारिक और न्यायसंगत समाधान नहीं निकलता।”
टैंकर ऑपरेटरों ने संभावित असुविधा के लिए नागरिकों से खेद व्यक्त किया है और राज्य सरकार तथा संबंधित विभागों से तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान निकालने की अपील की है।
यदि प्रस्तावित हड़ताल लागू होती है तो मुंबई महानगर क्षेत्र के हजारों आवासीय परिसरों, निर्माण स्थलों, होटल, रेस्तरां, स्वास्थ्य सेवाओं और औद्योगिक इकाइयों पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है। गर्मियों के मौसम और बढ़ती मांग के दौरान निजी टैंकरों पर निर्भरता अधिक होने के कारण जल संकट और गहरा सकता है।
बता दें की, शहर में मानसून के आगमन की तैयारी चल रही है, लेकिन कई इलाकों में पानी की उपलब्धता को लेकर चिंता बनी हुई है, जहां लोग आंशिक या पूरी तरह निजी टैंकरों पर निर्भर हैं।
फिलहाल प्रशासन की ओर से हड़ताल की घोषणा पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, यदि सेवाएं बंद होती हैं तो मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में लाखों निवासियों का दैनिक जीवन प्रभावित हो सकता है।
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