देशभर में भीषण गर्मी से लोग परेशान हैं। इसी बीच AQI.in की ताजा रैंकिंग के अनुसार, दुनिया के 50 सबसे गर्म शहरों की सूची में सभी शहर भारत के हैं। यह आंकड़ा देश के उत्तर, मध्य और पूर्वी हिस्सों में फैली मौजूदा हीटवेव की अभूतपूर्व गंभीरता को दर्शाता है।
वैश्विक स्तर पर दर्ज किए गए 50 सबसे गर्म शहरों में से अकेले उत्तर प्रदेश के शहरों ने आधे से अधिक स्थानों पर कब्जा किया है। इनमें मुरादाबाद, अकबरपुर, सिद्धार्थनगर, इटावा, बदायूं, बांदा, फिरोजाबाद, हाथरस, मैनपुरी, प्रयागराज, सीतापुर, गाजीपुर, मथुरा, आगरा, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर, जौनपुर, अलीगढ़, संभल, आजमगढ़, वाराणसी, पीलीभीत, बलरामपुर, मुजफ्फरनगर, बहराइच, शामली और अमरोहा जैसे शहर शामिल हैं, जहां तापमान 43°C से 44°C के बीच दर्ज किया गया।
महाराष्ट्र का नागपुर 44°C तापमान के साथ इस सूची में शीर्ष पर रहा है। इसके साथ रायपुर, चंद्रपुर, मुरादाबाद और उत्तर प्रदेश के कई अन्य शहर भी शामिल रहे। हालांकि, उत्तर प्रदेश के व्यापक भौगोलिक विस्तार ने स्पष्ट कर दिया कि मौजूदा हीटवेव का सबसे बड़ा केंद्र यही राज्य बना हुआ है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर प्रदेश इस समय वातावरणीय और भौगोलिक परिस्थितियों के खतरनाक मेल का सामना कर रहा है। पहला कारण इसका भौगोलिक स्थान है। राज्य सीधे इंडो-गंगा के मैदानी क्षेत्र के मध्य में स्थित है, जहां राजस्थान और मध्य भारत से आने वाली गर्म हवाएं बिना किसी अवरोध के पूरे क्षेत्र में फैल जाती हैं। इन हवाओं को रोकने वाला कोई बड़ा प्राकृतिक अवरोध न होने से गर्मी तेजी से फैल रही है।
दूसरा बड़ा कारण है बादलों की कमी। आमतौर पर मई के अंत तक अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी भरी हवाएं उत्तर और पूर्व भारत में बादल और आर्द्रता बढ़ाने लगती हैं। लेकिन इस वर्ष, दक्षिण भारत में मानसून की तैयारी के बावजूद उत्तरी मैदानी इलाकों में शुष्क हवा का दबदबा बना हुआ है। इसका परिणाम यह है कि दिन में तेज धूप के साथ रात में भी तापमान में बहुत कम गिरावट हो रही है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए ‘गंभीर से अत्यंत गंभीर’ हीटवेव का रेड अलर्ट जारी किया है। आगरा, प्रयागराज, वाराणसी और बरेली जैसे शहरों में अर्बन हीट आइलैंड प्रभाव भी महसूस किया जा रहा है, जहां कंक्रीट, डामर और घनी बुनियादी संरचनाएं दिनभर गर्मी सोखकर रात में धीरे-धीरे छोड़ती हैं। इससे सूर्यास्त के बाद भी तापमान कम नहीं हो रहा।
वहीं, बुंदेलखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्सों में जमीन सूख रही है और वनस्पति आवरण घट रहा है, जिससे प्राकृतिक शीतलन की प्रक्रिया कमजोर हो रही है।
AQI.in की इस महीने की शुरुआत में प्रकाशित विस्तृत हीट एनालिसिस रिपोर्ट में पहले ही चेतावनी दी गई थी कि भारत के बढ़ते “आंतरिक हीट बेल्ट” में उत्तर प्रदेश सबसे अधिक प्रभावित राज्य बनकर उभर रहा है और यहां अत्यधिक गर्मी की घटनाएं अधिक लंबी और व्यापक होती जा रही हैं।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह तापमान शाम के समय दर्ज किया गया, जब सामान्यतः तापमान गिरना शुरू हो जाता है। इसके बावजूद उत्तर भारत का अधिकांश हिस्सा 43°C से अधिक तापमान में फंसा रहा।
उत्तर प्रदेश के लाखों लोगों के लिए अब मानसून का इंतजार केवल मौसमी राहत का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह धीरे-धीरे जीवन और स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चूका है।
यह भी पढ़ें:
कोलकाता पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, आज दिल्ली में पीएम मोदी से करेंगे मुलाकात
हिंदुओ के खिलाफ दंगों के 7 मामलों सहित 52 अपराधिक मामलों को वापस लेगी कांग्रेस सरकार
अज्ञातों द्वारा निपटाए आतंकी हमजा बुरहान के जनाजे में शामिल हुए हिजबुल और अल-बद्र के टॉप आतंकी
