स्पेशल सेल ने अपनी जांच में सामने आए सबूतों, डिजिटल डेटा, चैट्स, कॉल रिकॉर्ड्स, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह विस्तृत चार्जशीट तैयार की है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने संसद की सुरक्षा व्यवस्था में जानबूझकर सेंध लगाने की साजिश रची थी और इस घटना के जरिए देशभर में भय का माहौल बनाने तथा अशांति फैलाने की कोशिश की गई थी।
चार्जशीट में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं के अलावा यूएपीए की गंभीर धाराएं भी शामिल की गई हैं। आरोपियों पर सरकारी कामकाज में बाधा डालने, ड्यूटी पर तैनात सार्वजनिक सेवकों को रोकने, दंगा भड़काने के लिए उकसाने, सबूत मिटाने, आपराधिक साजिश रचने और आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े अपराधों के आरोप लगाए गए हैं।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, संसद जैसी अत्यंत संवेदनशील जगह पर सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश सामान्य प्रदर्शन नहीं थी, बल्कि इसके पीछे संगठित साजिश और बड़े स्तर की तैयारी के सबूत मिले हैं। जांच एजेंसियां अब इस मामले से जुड़े अन्य संभावित नेटवर्क, फंडिंग और विदेशी संपर्कों की भी गहन जांच कर रही हैं।
दिसंबर 2023 में संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान कुछ युवकों ने विजिटर्स गैलरी से लोकसभा सदन के अंदर कूदकर स्मोक कैनिस्टर छोड़ दिए थे। इस घटना ने पूरे देश में संसद की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। घटना के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मामले की जांच शुरू की थी।
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