30.7 C
Mumbai
Thursday, June 11, 2026
होमन्यूज़ अपडेटचीन अमेरिका की शिखर बैठक पर भारत की पैनी नजर

चीन अमेरिका की शिखर बैठक पर भारत की पैनी नजर

चीन दौरे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अहम बैठक; भारत को आशंका- कहीं बीजिंग को बड़ी रियायतें न मिल जाएं

Google News Follow

Related

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज चीन दौरे पर पहुंच रहे हैं, जहां उनकी मुलाकात चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होगी। वैश्विक स्तर पर इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है और इसकी तुलना 1972 में अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन और माओ जेदोंग की ऐतिहासिक मुलाकात से की जा रही है। वॉशिंगटन और बीजिंग के बीच पिछले कई महीनों से टैरिफ, ताइवान, ईरान युद्ध, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रणनीतिक खनिजों जैसे मुद्दों पर तनाव बना हुआ है। ऐसे में ट्रंप का यह चीन दौरा केवल अमेरिका-चीन संबंधों तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसका असर एशिया समेत पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और भू-राजनीति पर पड़ सकता है। इसीलिए इस शिखर बैठक पर भारत की पैनी नजर होगी।

भारत भी इस शिखर बैठक पर बेहद करीब से नजर बनाए हुए है। इसकी वजह केवल वैश्विक राजनीति नहीं, बल्कि यह भी है कि अमेरिका और चीन भारत के दो सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप और शी के बीच होने वाले किसी भी बड़े समझौते का सीधा असर भारत के आर्थिक और रणनीतिक हितों पर पड़ सकता है।

ट्रंप का यह दौरा 13 मई से 15 मई तक चलेगा। उनके साथ 16 बड़े कारोबारी नेता भी चीन पहुंचे हैं, जिनमें एलोन मस्क और टीम कुक जैसे नाम शामिल हैं। हॉलीवुड निर्देशक ब्रेट रैटनर भी अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं। दोनों देश अमेरिका-चीन बोर्ड ऑफ ट्रेड और बोर्ड ऑफ इन्वेस्टमेंट बनाने पर भी विचार कर सकते हैं। इसके अलावा एयरोस्पेस, कृषि और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी बातचीत हो सकती है।

चीन रवाना होने से पहले ट्रंप ने मीडिया से कहा,“हम दो सुपरपावर हैं। मिलिट्री के मामले में हम दुनिया के सबसे ताकतवर देश हैं। चीन को दूसरे नंबर पर माना जाता है।” ईरान मुद्दे पर उन्होंने कहा, “हमारे पास चर्चा करने के लिए बहुत सी चीज़ें हैं। सच कहूँ तो मैं यह नहीं कहूँगा कि ईरान उनमें से एक है, क्योंकि ईरान पर हमारा पूरा कंट्रोल है।”

हालांकि अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि इस बार बातचीत में चीन अपेक्षाकृत मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहा है। एशियाई देशों में इस बैठक को लेकर खास चिंता है। कई देशों को डर है कि चीन के साथ समझौता करने की कोशिश में ट्रंप बीजिंग के प्रति नरम रुख अपना सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो अमेरिका के सहयोगी देशों में असुरक्षा की भावना बढ़ सकती है।

ताइवान को लेकर संभावित रियायतें सबसे बड़ा मुद्दा मानी जा रही हैं। आशंका जताई जा रही है कि चीन के साथ समझौते के लिए ट्रंप ताइवान को हथियारों की बिक्री कम कर सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका ऐसा करता है तो चीन का आक्रामक रुख और मजबूत हो सकता है, जिसका असर भारत-चीन सीमा विवाद और दक्षिण चीन सागर जैसे क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है।

भारत के लिए यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि नई दिल्ली को अब तक अमेरिका-चीन प्रतिद्वंद्विता का लाभ मिलता रहा है। जब भी वॉशिंगटन और बीजिंग के बीच तनाव बढ़ता है, दोनों देश भारत को रणनीतिक साझेदार के रूप में महत्व देते हैं। इससे भारत को तकनीकी निवेश, पूंजी प्रवाह और वैश्विक कूटनीतिक संतुलन में फायदा मिला है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अमेरिका और चीन के बीच “G-2” जैसी स्थिति बनती है, तो इससे भारत की रणनीतिक अहमियत कम हो सकती है। भारत इस बात को लेकर भी सतर्क है कि कहीं अमेरिका चीन को व्यापारिक छूट या विशेष ऊर्जा राहत न दे दे, जिससे भारतीय हित प्रभावित हों।

भारत की एक और बड़ी चिंता ऊर्जा सुरक्षा को लेकर है। भारत का अधिकांश तेल और गैस आयात होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। ऐसे में नई दिल्ली उम्मीद कर रही है कि ट्रंप, चीन के जरिए ईरान पर दबाव बनाने में सफल होंगे ताकि पश्चिम एशिया संकट कम हो और वैश्विक तेल बाजार स्थिर रह सके।

यदि अमेरिका और चीन के बीच व्यापार प्रबंधन के लिए कोई स्थायी बोर्ड या तंत्र बनता है, तो भारत के लिए वैश्विक सप्लाई चेन और निवेश में अपनी जगह बनाए रखना और चुनौतीपूर्ण हो सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की तरह भारत भी ट्रंप-शी बैठक के हर संकेत पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि इस एक मुलाकात से एशिया की रणनीतिक दिशा, वैश्विक व्यापार और भारत की भविष्य की स्थिति पर बड़ा असर पड़ सकता है।

यह भी पढ़ें:

जर्मन इन्फ्लुएंसर का लिजलाज बड़ा खुलासा- “कोहली के खिलाफ झूठे आरोप लगाने के लिए पैसे ऑफर किए गए”

NEET पेपर लीक: गुरुग्राम के डॉक्टर से 30 लाख में खरीदा गया पेपर, राजस्थान से दो भाई गिरफ्तार

निदा खान को पनाह देने वाले AIMIM पार्षद मतीन पटेल के घर, ऑफिस और दुकानों पर चला बुलडोजर

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,386फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
313,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें